क्या भारतीय सेना को ‘मोदी जी की सेना’ कहना उचित है? इस सवाल के ज़वाब में भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख और विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा है, ‘मुझे नहीं पता कि क्या संदर्भ है. लेकिन अगर कोई कहता है कि भारत की सेना मोदी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) जी की सेना है तो वह ग़लत ही नहीं, वो देशद्रोही भी है. भारत की सेनाएं भारत की हैं, ये राजनीतिक दल की नहीं हैं.’

बीबीसी को दिए साक्षात्कार में जनरल वीके सिंह ने कहा, ‘भारत की सेनाएं तटस्थ हैं अपने आप के अंदर. इस चीज़ में सक्षम हैं कि वो राजनीति से अलग रहें. पता नहीं कौन ऐसी बात कर रहा है. एक ही दो लोग हैं जिनके मन में ऐसी बातें आती हैं क्योंकि उनके पास तो कुछ और है ही नहीं.’ ग़ौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग़ाज़ियाबाद में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा था, ‘कांग्रेस के लोग आतंकियों को बिरयानी खिलाते हैं और मोदी जी की सेना उनको गोली और गोला देती है.’ योगी आदित्यनाथ बीते दिनों जनरल वीके सिंह के ही पक्ष में चुनावी रैली को संबोधित करने ग़ाज़ियाबाद आए थे.

वीके सिंह ने अपने साक्षात्कार के दौरान आगे कहा, ‘अगर आप राजनीतिक कार्यकर्ताओं की बात करते हैं तो उन्हें कई बार हम मोदी जी की सेना या भाजपा की सेना बोल सकते हैं. लेकिन उसमें और भारत की सेना फ़र्क़ है.’ इससे पहले भारतीय नौसेना के पूर्व प्रमुख एडमिरल एल रामदास और सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख रहे जनरल डीएस हुड्‌डा ने भी राजनीतिक दलों पर ‘सेना के राजनीतिकरण’ का आरोप लगाया था.