वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने लंबे समय बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने काफी दिनों के बाद ब्लॉग के जरिये किसी मुद्दे पर अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखी है. गुजरात की गांधीनगर से उनका टिकट कटने और उनकी जगह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के चुनाव लड़ने के फैसले के बाद भी यह उनकी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया है.

लाल कृष्ण आडवाणी ने ब्लॉग में लिखा है कि हमने अपने राजनीतिक विचारों से असहमत लोगों को कभी ‘दुश्मन’ या ‘देशद्रोही’ नहीं माना. ऐन चुनाव के वक्त लिखे आडवाणी के इस ब्लॉग से भाजपा का शीर्ष नेतृत्व असहज हो सकता है क्योंकि चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह विपक्ष पर पाकिस्तान परस्त होने का आरोप लगा रहे हैं.

भाजपा के स्थापना दिवस छह अप्रैल से दो दिन पहले आए ब्लॉग में लाल कृष्ण आडवाणी ने पार्टी के स्थापना दिवस को एक महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों की चर्चा की है. गुरुवार को प्रकाशित हुए इस ब्लाग का अंग्रेजी शीर्षक है- ‘नेशन फर्स्ट. पार्टी नेक्सट, सेल्फ लास्ट.’ यानी राष्ट्र सबसे पहले, उसके बाद पार्टी और खुद सबसे अंतिम.

ब्लॉग में आडवाणी ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बात करते हुए लिखा है, ‘विविधता और बोलने की आजादी भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती है और भाजपा ने अपनी विचारधारा से असहमत लोगों के कभी भी दुश्मन नहीं माना.’ आडवाणी ने राष्ट्रवाद के मुद्दे पर भी ब्ल़ॉग में बात की है. उन्होंने लिखा, ‘हमने कभी भी अपने राजनीतिक विरोधियों को देशद्रोही नहीं कहा. राजनीतिक और निजी तौर पर सभी लोगों को अपनी बात कहने और अपना विचार चुनने की आजादी होनी चाहिए.’