आदर्श चुनाव आचार संहिता तोड़ने के मामले में राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. खबरों के मुताबिक उनके खिलाफ ‘आ​वश्यक कार्रवाई’ करने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने चुनाव आयोग की रिपोर्ट गृह मंत्रालय के पास बढ़ा दी है. ​बताया जाता है कि चुनाव आयोग ने कल्याण सिंह के उस विवादित बयान की जांच कराई थी. इसके बाद उस पर आई रिपोर्ट का कोई खुलासा किए बगैर उसे राष्ट्रपति के पास भेज दी थी.

गौरतलब है कि बीते दिनों उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान कल्याण सिंह ने कथिततौर पर कहा था कि देश को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जरूरत है. साथ ही सभी को उनका समर्थन करके उन्हें एक बार फिर देश के प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचाना चाहिए. उन्होंने वह बयान तब दिया था जब लोकसभा के चुनाव के मद्देनजर देश में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई थी.

उनके उस बयान पर विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की थी. उसके बाद चुनाव आयोग ने अलीगढ़ के डीएम से उस संबंध में रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा था. रिपोर्ट आने के बाद चुनाव अयोग ने कहा था कि कल्याण सिंह एक संवैधानिक पद पर हैं इसलिए वह इसके नतीजे से सीधे राष्ट्रपति को अवगत कराएगा. अब राष्ट्रपति ने उसी रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है.

वैसे किसी राज्यपाल द्वारा चुनाव के दौरान किसी प्रत्याशी के समर्थन में बयान देने का मामला पहले भी देखने को मिल चुका है. यह 1990 की बात है जब हिमाचल प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल गुलशेर अहमद ने अपने बेटे के लिए प्रचार किया था. तब चुनाव आयोग ने उनके उस प्रचार पर कड़ी आपत्ति जताई थी. उसके बाद गुलशेर अहमद ने राज्यपाल के पद से इस्तीफा दे दिया था.