भारिप बहुजन महासंघ (बीबीएम) के अध्यक्ष और भीमराव आंबेडकर के पोते प्रकाश आंबेडकर ने चुनाव आयोग को लेकर एक विवादित बयान दिया है. खबरों के मुताबिक गुरुवार को महाराष्ट्र के यवतमाल में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने चुनाव आयोग पर ‘पक्षपातपूर्ण रवैया’ अपनाने के आरोप लगाए. उन्होंने कहा, ‘अगर इस चुनाव में हमारी सरकार केंद्र की सत्ता में आई तो हम चुनाव आयोग को देख लेंगे. और चुनाव आयुक्त को दो दिन के लिए जेल में रखेंगे.’

प्रकाश अंबेडकर ने यह बात उन निर्देशों को लेकर कही है जिनमें आयोग ने राजनीतिक दलों पर चुनावी प्रक्रिया के दौरान पुलवामा आतंकी हमले व सेना से जुड़ी बातें कहने पर रोक लगाई है. इसके साथ ही आंबेडकर ने यह भी कहा, ‘मैं यह जानना चाहता हूं कि पुलवामा हमले के बारे में हमें बात करने की इजाजत क्यों नहीं है जबकि संविधान इसकी अनुमति देता है.’

गौरतलब है कि तीन बार सांसद रह चुके प्रकाश आंबेडकर इस चुनाव में वंचित बहुजन अघाड़ी के उम्मीदवार के तौर पर महाराष्ट्र की सोलापुर संसदीय सीट से किस्मत आजमा रहे हैं. वंचित बहुजन अघाड़ी, भारिप बहुजन महासंघ और असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) मिलकर महाराष्ट्र के चुनावी मैदान में उतरे हैं.

इधर, महाराष्ट्र के अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी दिलीप शिंदे ने प्रकाश आंबेडकर के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि स्थानीय चुनाव अधिकारी के अलावा कुछ अन्य अधिकारियों से भी प्रकाश आंबेडकर के इस कथित बयान की रिपोर्ट देने के लिए कहा है.