कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को केरल की वायनाड लोक सभा सीट से नामांकन दाखिल कर दिया. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. नामांकन भरते वक्त उनके साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद थीं. राहुल गांधी ने नामांकन दाखिल करने के बाद रोड शो के जरिए चुनाव प्रचार भी शुरू किया. इससे पहले कांग्रेस ने बीते हफ्ते एलान किया था कि पार्टी अध्यक्ष उत्तर प्रदेश के अमेठी के साथ-साथ वायनाड सीट पर भी लोकसभा चुनाव लड़ेंगे. वहीं, भाजपा ने इस सीट पर राहुल गांधी को चुनौती देने के लिए अपने सहयोगी दल भारत धर्म जनसेना के तुषार वेल्लापल्ली को मैदान में उतारा है. वायनाड में तीसरे चरण के तहत 23 अप्रैल को मतदान है.

पाकिस्तान दिवालिया होने के कगार पर खड़ा है : वित्त मंत्री असद उमर

आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान के लिए मुश्किलें बढ़ती हुई दिख रही हैं. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक वित्त मंत्री असद उमर ने पाकिस्तान के दिवालिया होने के कगार पर खड़े होने की आशंका जाहिर की है. उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, ‘पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ इतना बढ़ गया है कि देश दिवालिया होने के करीब है.’ हालांकि, असद उमर ने इसके लिए पिछली पीएमएल-एन की सरकार को जिम्मेदार ठहराया. उधर, एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 में पाकिस्तान की जीडीपी वृद्धि दर 3.9 फीसदी रहने का अनुमान जाहिर किया है. बीते वित्तीय वर्ष 2018-19 में यह आंकड़ा 5.2 फीसदी था. आर्थिक मामलों के जानकारों ने बताया है कि पाकिस्तान की खराब होती आर्थिक स्थिति की वजह से इस साल 10 लाख लोगों की नौकरियां छिन सकती हैं.

नीतीश कुमार भाजपा के साथ जाने के छह महीने बाद ही राजद के साथ आना चाहते थे : लालू प्रसाद यादव

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने दावा किया है कि महागठबंधन छोड़कर भाजपा के साथ बनाने के छह महीने बाद ही नीतीश कुमार एक बार फिर उनके साथ आना चाहते थे. हालांकि, लालू प्रसाद यादव ने इसके लिए मना कर दिया. द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने इन बातों का जिक्र अपनी आत्मकथा ‘गोपालगंज टू रायसीना : माई पॉलिटिकल जर्नी’ में की है. उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार ने इसके लिए प्रशांत किशोर को पांच बार उनके पास भेजा था. राजद सुप्रीमो ने इस किताब में लिखा है, ‘प्रशांत किशोर ने संकेत दिए कि मैं उन्हें लिखित में दे दूं कि मेरी पार्टी जदयू को सपोर्ट करेगी. इसके बाद जदयू भाजपा से नाता तोड़कर महागठबंधन में आ जाएगी.’ उन्होंने आगे लिखा है, ‘मेरी कड़वाहट नीतीश से सीधे नहीं थी लेकिन, उन पर से भरोसा उठ चुका था.’ इस किताब के सह-लेखक नलिन वर्मा हैं.

पारदर्शिता के नाम पर संस्थान की हानि नहीं होनी चाहिए : मुख्य न्यायाधीश

देश के मुख्य न्यायाधीश के दफ्तर को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे में लाया जाए या नहीं, इस पर सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. नवभारत टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक इस मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा, ‘हर कोई पारदर्शिता चाहता है लेकिन, पारदर्शिता के नाम पर संस्थान की हानि नहीं होनी चाहिए. वहीं, वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि कुछ व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय हो सकती है लेकिन, बाकी को लोगों के सामने लाना चाहिए.

‘जब न्यायाधीश गैलरी से गुजर रहे हों तो अधिकारी और कर्मचारी जहां के तहां रूक जाएं’

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए फरमान जारी किया है. हिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक इनके लिए जारी सर्कुलर में कहा गया है, ‘रजिस्ट्रार जनरल ने इस बात का कड़ा संज्ञान लिया है कि माननीय न्यायाधीश जब अपने चैंबर या कोर्ट रूम में जा रहे हों तो गैलरी में गुजर रहा स्टाफ रुकता नहीं. स्टाफ लार्डशिप के गुजरने का इंतजार नहीं करता. यह साफ तौर पर उनके (न्यायाधीशों) के लिए असम्मान का प्रदर्शन है.’ इस सर्कुलर में अधिकारियों और कर्मचारियों को आदेश दिया गया है कि जब न्यायाधीश गैलरी से गुजर रहे हों तो वे जहां के तहां रुक जाएं और लार्डशिप के लिए उच्चतर सम्मान का प्रदर्शन करें. बताया जाता है कि इस तरह की परंपरा देश की हर अदालत में है. इलाहाबाद हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 160 है.

‘प्रधानजी का अच्छे दिन वाला घोषणापत्र क्या चुनाव बाद आएगा?’

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घोषणापत्र जारी करने में हो रही देरी को लेकर भाजपा पर तंज कसा है. द एशियन एज के मुताबिक उन्होंने ट्वीट किया, ‘विकास पूछ रहा है... प्रधानजी का अच्छे दिन वाला घोषणापत्र क्या चुनाव बाद आएगा? इस बार तो बीजेपी वाले एक-दूसरे से भी नहीं कह पा रहे हैं, अच्छे दिन आने वाले हैं. जनता से क्या कहेंगे?’ साथ ही, अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा के उलटे दिन शुरू हो गए हैं. सपा सुप्रीमो ने ट्विटर पर #विकासपूछरहाहै शुरू किया है. इसके तहत वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के दावे पर निशाना साध रहे हैं.