बीती फरवरी में पाकिस्तान के साथ झड़प के दौरान उसका एक एफ-16 लड़ाकू विमान मार गिराने का भारत का दावा गलत हो सकता है. एनडीटीवी ने अमेरिका के समाचार संस्थान फॉरेन पॉलिसी के हवाले से लिखा है कि हाल ही में अमेरिका के अधिकारियों ने पाकिस्तान को दिए गए एफ-16 लड़ाकू विमानों की गिनती की है. उस दौरान उन्हें इस श्रेणी का कोई विमान लापता नहीं मिला. ऐसे में अमेरिकी अधिकारियों की गिनती और भारत के दावे में विरोधाभास पैदा हो गया है.

इससे पहले 14 फरवरी के पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक कैंप पर ‘एयर स्ट्राइक’ की थी. 27 फरवरी की उस कार्रवाई की अगली सुबह पाकिस्तानी वायु सेना के लड़ाकू विमान भारतीय वायुक्षेत्र में दाखिल हुए थे. उस दौरान हुए हवाई संघर्ष में भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान ने एक एफ-16 विमान को मार गिराया था. हालांकि तब उनका मिग-21 बायसन लड़ाकू विमान भी क्रैश हो गया था जिसके बाद वे पैराशूट की मदद से सीमा पार उतरे थे. फिर पाकिस्तान की हिरासत में रहने के तीन दिन बाद उनकी स्वदेश वापसी हुई ​थी.

उधर, एफ-16 विमान को मार गिराए जाने की घटना के अगले दिन भारतीय वायु सेना ने सबूत के तौर पर एमराम मिसाइल के कुछ टुकड़े पेश किए थे. पाकिस्तान अकेला देश है जिसकी वायु सेना अपने एफ-16 विमानों में इस मिसाइल का उपयोग करती है. हालांकि वह उस विमान को मार गिराने के लिहाज से पर्याप्त सबूत नहीं था जिसका दावा भारत की तरफ से किया जा रहा था. जानकारी के मुताबिक भारत के उस दावे के बाद नियमों के मुताबिक पाकिस्तान ने अमेरिका से अपने एफ-16 विमानों की गिनती की पेशकश की थी. उसके बाद हुई गिनती में एक भी विमान गायब नहीं पाया गया है.

इधर, फॉरेन पॉलिसी की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संभव है उस हवाई संघर्ष के दौरान अभिनंदन वर्तमान ने एफ-16 पर निशाना साधने के बाद मिसाइल दागी हो. उसके बाद उन्हें महसूस हुआ हो कि उनका निशाना अचूक रहा. लेकिन अमेरिकी अधिकारियों की तरफ से की गई गिनती भारत के पक्ष पर संदेह पैदा करती है. इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि हो सकता है कि उस दिन की घटनाओं का लेकर भारतीय अधिकारियों ने विश्व समुदाय को गुमराह किया हो.