चुनाव आयोग ने कांग्रेस की ‘न्याय योजना’ को लेकर नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार द्वारा की गई आलोचना को चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया है. उसने राजीव कुमार को इस मामले में भविष्य में ‘सतर्कता’ बरतने की नसीहत दी है. शुक्रवार को चुनाव आयोग ने इस मामल में कुमार के जवाब को असंतोषजनक बताते हुए कहा कि उनका बयान निर्वाचन नियमों का उल्लंघन करता है.
उल्लेखनीय है कि राजीव कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा घोषित न्याय योजना के तहत देश के 20 करोड़ निर्धन परिवारों को न्यूनतम आय के रूप में सालाना 72,000 रुपये देने की आलोचना करते हुए इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताया था. बतौर लोकसेवक, उनके बयान से आचार संहिता का उल्लंघन होने की शिकायत पर आयोग द्वारा जारी नोटिस के जवाब में दो अप्रैल को कुमार ने कहा था कि उन्होंने न्याय योजना के बारे में अर्थशास्त्री के तौर पर अपनी निजी राय व्यक्त की थी. कुमार ने कहा था कि उन्होंने नीति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में बयान नहीं दिया था.
लेकिन आयोग ने कुमार के इस जवाब पर नाखुशी जाहिर करते हुए कहा कि चुनाव आचार संहिता के प्रावधान प्रत्येक लोकसेवक से निर्वाचन प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किए जाने की अपेक्षा करते हैं. इसके लिए लोकसेवकों को तटस्थ रवैया अपनाना चाहिए, जिससे चुनाव प्रक्रिया के सभी पक्षकारों के मन में कोई भ्रम पैदा न हो.
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