चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव से पहले कोलकाता के पुलिस आयुक्त अनुज शर्मा को हटा दिया है. उनकी जगह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजेश कुमार को लाया गया है. अनुज शर्मा को फरवरी में ही कोलकाता पुलिस का प्रमुख नियुक्त किया गया था. उनसे पहले इस पद पर राजीव कुमार थे जिनका सीआईडी में ट्रांसफर कर दिया गया था. सारदा चिट फंट घोटाला मामले में सीबीआई ने उनसे पूछताछ की थी.

अनुज शर्मा के अलावा चुनाव आयोग ने बिधाननगर के पुलिस कमिश्नर ज्ञानवंत सिंह को भी हटा दिया है. उनकी जगह नटराजन रमेश बाबू को लाया गया है. ज्ञानवंत सिंह को लेकर भाजपा ने शिकायत की थी. उसका आरोप था कि जब टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी को कोलकाता हवाई अड्डे पर सोने के साथ पकड़ा गया था तब उनसे पूछताछ के दौरान ज्ञानवंत ने हस्तक्षेप किया था. वहीं, आयोग ने अवन्नु रवींद्रनाथ को बीरभूम और श्रीहरि पांडेय को डायमंड हार्रबर का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया है.

खबर के मुताबिक चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव माले डे को निर्देश दिया है कि इन आदेशों को तुरंत लागू किया जाए और 24 घंटे के अंदर अनुपालन संबंधी रिपोर्ट दी जाए. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक आयोग के पोल पैनल ने यह भी साफ किया है कि ये अधिकारी चुनाव से जुड़े किसी भी काम में शामिल नहीं होने चाहिए.

चुनाव आयोग के ये आदेश ऐसे समय में आए हैं जब कुछ दिन पहले भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया था कि इन पुलिस अधिकारियों के होते राज्य में स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव होना संभव नहीं होगा. आयोग के निर्देशों के बाद पश्चिम बंगाल के विपक्षी दलों ने इसका स्वागत किया है. कांग्रेस के प्रदीप भट्टाचार्य ने पीटीआई से कहा कि कुछ पुलिस अधिकारी राज्य की टीएमसी सरकार के लिए काम कर रहे हैं, इसलिए यह कार्रवाई स्वागत योग्य है. वहीं, सीपीआई-एम के नेता सुजान चक्रवर्ती ने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए कहा, ‘चुनाव आयोग ने सही कदम उठाया है, वर्ना स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं होते.’