भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने लालकृष्ण आडवाणी को लेकर दिए एक बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की आलोचना की है. सुषमा स्वराज ने एक ट्वीट के जरिये कहा है, ‘राहुल जी - आडवाणी जी हमारे पिता तुल्य हैं. आपके बयान ने हमें बहुत आहत किया है. कृपया भाषा की मर्यादा रखने की कोशिश करें.’

इससे पहले इसी शुक्रवार को महाराष्ट्र के चंद्रपुर में राहुल गांधी ने एक चुनावी रैली को संबोधित किया था. उस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को अपमानित किए जाने की बात कही थी. उनका कहना था कि भाजपा हिंदुत्व की बात करती है. हिंदुत्व में गुरु-शिष्य की परंपरा है. मोदी जी के गुरु लालकृष्ण आडवाणी हैं. इसके बावजूद नरेंद्र मोदी ने अपने ‘गुरु को जूता मारकर स्टेज से नीचे उतार दिया.’

गौरतलब है कि भाजपा के संस्थापकों में से एक लालकृष्ण आडवाणी को उनकी पार्टी ने लोकसभा के इस चुनाव में टिकट नहीं दिया है. पूर्व में वे गुजरात की गांधीनगर संसदीय सीट से संसद भवन तक का रास्ता तय करते आए हैं. लेकिन इस आम चुनाव में भाजपा ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को इस सीट से अपना प्रत्याशी घोषित किया है.

इधर, इसी शुक्रवार को तेलंगाना के हैदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुषमा स्वराज ने कांग्रेस अध्यक्ष पर निशाना साधा था. तब उन्होंने कहा था, ‘राहुल गांधी की नजर में आतंकवाद कोई मुद्दा नहीं है जबकि वे ऐसे परिवार से संबंध रखते हैं जिसके दो सदस्य आतंकवाद का शिकार हुए हैं. ऐसे परिवार के बेटे से आतंकवाद को मुद्दा न मानने की बात सुनना हैरानगी भरा लगता है.’ सुषमा स्वराज ने सवालिया लहजे में यह भी कहा था कि अगर उनके लिए आतंकवाद कोई मुद्दा नहीं तो फिर वे एसपीजी सुरक्षा के साथ क्यों घूमते हैं.