देश की आने वाली पीढ़ियां आजाद हवा में सांस ले सकें और उनका भविष्य सुरक्षित हो, इसके लिए देश के कई नौजवानों ने अपने वर्तमान की कुर्बानी दे दी. आठ अप्रैल का दिन उन्हीं को समर्पित है. 1857 में देश में आजादी की पहली चिंगारी सुलगाने वाले मंगल पांडे को आठ अप्रैल के दिन फांसी दे दी गई थी. वहीं, देश में धधकती आजादी की आंच पूरी दुनिया तक पहुंचाने के लिए भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने 1929 में आठ अप्रैल के दिन ही दिल्ली स्थित सेंट्रल एसेंबली हॉल में बम फेंका था. इस बम धमाके का मकसद किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की तरफ दुनिया का ध्यान आकर्षित करना था.

देश-दुनिया के इतिहास में आठ अप्रैल की तारीख में दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार हैं:

1894 : भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय का कलकत्ता में निधन.

1950 : भारत और पाकिस्तान के बीच लियाकत-नेहरू समझौता. यह समझौता दोनों देशों में रह रहे अल्पसंख्यकों के अधिकारों को सुरक्षित रखने और भविष्य में दोनों देशों के बीच युद्ध की संभावनाओं को खत्म करने के मकसद से किया गया था.

1973 : स्पेन के चित्रकार पाब्लो पिकासो का निधन. इन्हें 20वीं शताब्दी का संभवत: सबसे प्रभावी चित्रकार माना जाता है.

2013 : ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गेरेट थैचर का लंदन में निधन. वह ग्रेट ब्रिटेन ही नहीं किसी भी यूरोपीय देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और 20वीं शताब्दी में ब्रिटेन की एकमात्र प्रधानमंत्री थीं, जिन्होंने तीन बार लगातार यह पद संभाला.

इसके अलावा जापान में सदियों से आठ अप्रैल को भगवान बुद्ध के जन्मदिन के तौर पर मनाया जाता है.