भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अपना ‘संकल्प पत्र’ सोमवार को जारी कर दिया. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इसमें अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, जम्मू-कश्मीर से संविधान के अनुच्छेद-35ए को खत्म करने और समान नागरिक संहिता लागू करने जैसे पहले के वादों को एक बार फिर दोहराया गया है. हालांकि, पार्टी साल 2014 के चुनाव की तरह प्रत्येक वर्ष दो करोड़ रोजगार देने जैसे वादे से इस बार बचती दिखी है. उसने कहा है कि 22 उत्कृष्ट क्षेत्रों की पहचान कर उनमें रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे. साथ ही, 30 करोड़ लोगों तक प्रधानमंत्री मुद्रा योजना को पहुंचाने का भी वादा किया गया है.

लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन 10 लाख फेसबुक अकाउंट बंद

लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर फेसबुक प्रतिदिन 10 लाख संदिग्ध अकाउंट बंद कर रहा है. हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर के मुताबिक इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग टूल्स का इस्तेमाल किया जा रहा है. फेसबुक-भारत के प्रबंध निदेशक अजित मोहन ने कहा, ‘हम भारत में लोकसभा चुनाव की अखंडता को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम स्थानीय संगठनों, सरकारी संस्थाओं और विशेषज्ञों की मदद से लगातार चुनावों की विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए काम करते रहेंगे. वहीं, फेसबुक ने चुनाव से जुड़ी दो नई सेवाएं शुरू की हैं. इनमें कैंडिडेट कनेक्ट के जरिए लोगों को उम्मीदवार से जुड़ने और मुद्दों को समझने का मौका मिलेगा. साथ ही, शेयर यू वोटेड की मदद से दूसरों को बता सकेंगे की उन्होंने मतदान किया है.

भाजपा को नागरिक संशोधन विधेयक पारित कराने के वादे से बचना चाहिए था : एजीपी

भाजपा द्वारा संकल्प पत्र में नागरिक संशोधन विधेयक को संसद से पारित कराने के वादे के बाद असम में इसके सहयोगी दल- असम गण परिषद (एजीपी) के लिए असहज स्थिति पैदा हो गई है. द एशियन एज की रिपोर्ट के मुताबिक एजीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंता ने कहा है, ‘भाजपा को इस तरह की घोषणा करने से बचना चाहिए था. एजीपी का नागरिक संशोधन विधेयक पर पहले के मत में कोई बदलाव नहीं है.’ इससे पहले इस विधेयक के विरोध में एजीपी ने राज्य में भाजपा का साथ छोड़ दिया था. हालांकि, चुनाव से पहले दोनों दल एक बार फिर साथ आ गए. एजीपी राज्य की 14 में से तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है. इससे पहले साल 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले भी भाजपा ने इस नागरिकता कानून में संशोधन करने का वादा किया था. लेकिन, मौजूदा कार्यकाल के आखिरी वक्त में केवल लोकसभा से इस विधेयक को पारित कराने में कामयाब हो पाई.

हाइवे बैन पर जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस

जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने बारामूला-श्रीनगर-उधमपुर को जोड़ने वाले हाइवे पर हफ्ते में दो दिन के लिए असैनिक गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह बंद करने पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है. इन दो दिनों में सड़क पर सिर्फ सुरक्षा बलों के काफिले चलेंगे. यह कदम पुलवामा हमले के बाद सुरक्षा के मद्देनजर उठाया गया है. द ट्रिब्यून के मुताबिक हाई कोर्ट में इसके खिलाफ कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं. इनमें इस फैसले को असंवैधानिक और मनमाना बताया गया है. याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि यह फैसला तुरंत रद्द किया जाए.

दो टीवी चैनलों के खिलाफ चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप

महाराष्ट्र कांग्रेस ने दो टीवी चैनलों, &TV और जीटीवी के खिलाफ चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सामने अपनी बात रखी है. उसका कहना है कि इनके ‘भाबीजी घर पर हैं’ और ‘तुझसे है राब्ता’ धारावाहिकों में पात्रों को सरकारी योजनाओं का प्रचार करते हुए दिखाया गया है. कांग्रेस ने इन चैनलों के साथ धारावाहिकों में काम करने वाले कर्मचारियों और भाजपा के खिलाफ भी शिकायत दर्ज करने की मांग की है.

कीर्ति आजाद धनबाद से कांग्रेस प्रत्याशी

कांग्रेस ने कीर्ति आजाद को झारखंड के धनबाद से उम्मीदवार बनाया है. नवभारत टाइम्स के मुताबिक पार्टी ने उनके नाम का एलान सोमवार को किया. इससे पहले कीर्ति आजाद भाजपा की टिकट पर साल 2014 में बिहार के दरभंगा सीट से जीत हासिल की थी. इस बार भी वे इसी सीट से उम्मीदवारी चाहते थे. हालांकि, महागठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे के तहत दरभंगा राजद के हिस्से आई. राजद ने इस सीट पर अपने वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दकी को उतारा है. वहीं, कीर्ति आजाद का पैतृक गांव झारखंड स्थित गोड्डा में है. दरभंगा में उनका ससुराल है. कांग्रेस झारखंड की 14 सीटों में से सात पर चुनाव लड़ रही है.