संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा पास करने वाले एक उम्मीदवार सुमित इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं. इस बेहद कठिन परीक्षा में 53वीं रैंक हासिल करने वाले सुमित को लेकर दावा किया गया है कि वे एक ‘ग़रीब मज़दूर’ हैं जिन्होंने तमाम मुश्किल हालात का सामना करते हुए यूपीएससी की परीक्षा पास की और अब आईएएस अधिकारी बनेंगे. सोशल मीडिया पर इस जानकारी को कई लोगों ने शेयर किया. वहीं, मुख्यधारा के मीडिया के एक बड़े हिस्से ने भी इसे ख़बर बना कर चलाया है.

एक बड़े न्यूज़ चैनल ने बाक़ायदा सुमित का इंटरव्यू तक दिखा दिया था. इसमें उनका पूरा नाम ‘सुमित विश्वकर्मा’ बताया गया और यह भी कि वे मध्य प्रदेश में मिस्त्री का काम करते हैं. अब यह वीडियो चैनल से जुड़े किसी भी प्लेटफ़ॉर्म पर नहीं है. हालांकि यूट्यूब पर यह अभी भी वायरल है जिसे नीचे देखा जा सकता है.

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कई समाचार संस्थानों द्वारा ऐसी खबर चलाए जाने के बाद लोग भी ‘सुमित विश्वकर्मा’ की सफलता और उनके संघर्ष की प्रशंसा करने लगे. यह सिलसिला बढ़ता ही जा रहा था कि इसी बीच असली सुमित की एक फ़ेसबुक पोस्ट सामने आई. ये सुमित विश्वकर्मा नहीं, बल्कि सुमित कुमार हैं.

सुमित कुमार/फेसबुक
सुमित कुमार/फेसबुक
सुमित कुमार/फेसबुक
सुमित कुमार/फेसबुक
सुमित कुमार/फेसबुक
सुमित कुमार/फेसबुक

सुमित कुमार ने सोमवार को किए अपने फ़ेसबुक पोस्ट में मिस्त्री का काम करने वाले सुमित विश्वकर्मा के यूपीएससी परीक्षा पास करने की ख़बर को फ़ेक न्यूज़ क़रार दिया. उन्होंने यह भी कहा है कि तमाम न्यूज़ चैनल इस फ़र्ज़ी ख़बर को दिखाना तुरंत बंद करें. सुमित कुमार ने फ़ेक न्यूज़ वाले सुमित के ख़िलाफ़ केस दर्ज किए जाने की बात भी कही है. उन्होंने यह भी कहा कि वे मध्य प्रदेश नहीं, बल्कि बिहार के रहने वाले हैं और फ़िलहाल भारतीय रक्षा संपदा सेवा में प्रशिक्षार्थी अधिकारी हैं.

इस पोस्ट के साथ सुमित ने यूपीएससी परीक्षा की परिणाम सूची के स्क्रीनशॉट के साथ अपनी तस्वीर और अन्य जानकारियां शेयर की हैं. इन्हें आप ऊपर देख चुके हैं. सूची में सुमित कुमार का नाम 53वें नंबर पर पढ़ा जा सकता है.

(अगर आपके पास सोशल मीडिया के ज़रिए ऐसी कोई जानकारी (ख़बर, तस्वीर या वीडियो) आई है, जिसके सही होने पर आपको संदेह हो तो उसे हमें dushyant@satyagrah.com पर भेज दें. हम उसकी जांच कर सच सामने लाने का प्रयास करेंगे.)