ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे ने ​जलियांवाला बाग हत्याकांड ( 13 अप्रैल,1919) को लेकर अफसोस जताया है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. बुधवार को ब्रिटेन की संसद में उन्होंने कहा, ‘उस दौरान जो कुछ भी हुआ और उसकी वजह से लोगों को जो पीड़ा पहुंची, उसका हमें बेहद अफसोस है.’ टेरेसा मे ने उस नरसंहार को भारत-ब्रिटेन के इतिहास में शर्मनाक दाग भी बताया. हालांकि, उन्होंने उस घटना को लेकर माफी नहीं मांगी. इस पर विपक्ष के नेता जर्मी कोर्बिन ने टेरेसा मे से उस हत्याकांड पर साफ, स्पष्ट और विस्तृत माफी मांगने के लिए कहा. इससे पहले साल 2013 में भारत दौरे पर आए ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने भी उस हत्याकांड को इतिहास की ‘शर्मनाक घटना’ बताया था.

तेलंगाना : 10 महिला मजदूर जिंदा दफन

तेलंगाना के नारायणपेट में एक हादसे में 10 महिला मजदूर जिंदा दफन हो गईं. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक ये महिलाएं भूमि विकास कार्यक्रम के तहत काम कर रही थीं. बताया जाता है कि जब वे काम करने के बाद आराम कर रही थीं, उसी वक्त उन पर मिट्टी का ढेर और बोल्डर गिर गया. इसमें वे सभी दफन हो गईं. इस हादसे के वक्त 30 महिला मजदूर घटनास्थल पर मौजूद थीं. पुलिस ने बताया है कि इस मामले की जांच की जा रही है. वहीं, मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लोगों की आवाजाही रोकने की खबर अफवाह : गृह मंत्रालय

गृह मंत्रालय ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लोगों की आवाजाही रोकने को अफवाह बताया है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक बुधवार को मंत्रालय ने दावा किया कि सड़क को एक हफ्ते के कुल घंटों के केवल 15 फीसदी वक्त के लिए बंद किया गया था. इससे पहले जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने इस संबंध में गृह मंत्रालय को नोटिस जारी किया है. इस नोटिस का जवाब देने के लिए 19 अप्रैल तक का वक्त दिया गया है. वहीं, राज्य की प्रमुख पार्टियों- नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी ने इस आदेश के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा हुआ है. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि हाईवे पर प्रतिबंध जम्मू-कश्मीर के लोगों को और दबाने का प्रयास है. उधर, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने इस आदेश में भाजपा नेतृत्व की कश्मीर को ब्रिटिशकालीन कॉलोनी में तब्दील करने की झलक दिखने की बात कही.

900 से अधिक कलाकारों ने नरेंद्र मोदी का समर्थन करने की अपील की

देश के 900 से अधिक कलाकारों ने मतदाताओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करने की अपील की है. इनमें पंडित जसराज, विवेक ओबेरॉय और रीता गांगुली शामिल हैं. द टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक इन कलाकारों ने एक बयान जारी कर कहा है, ‘यह दृढ़ विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को बनाए रखना वक्त की जरूरत है. जब आतंकवाद जैसी चुनौतियां हमारे सामने हैं, तो हमें मजबूत सरकार की जरूरत है, न कि एक मजबूर सरकार’ की.’ इन कलाकारों ने मतदाताओं से बिना किसी दबाव और पूर्वग्रह से वोट डालने की अपील की है. इससे पहले 100 से अधिक फिल्मकारों, 200 से अधिक वैज्ञानिकों और 600 से थियेटर कलाकारों ने देश के लोगों से नफरत की राजनीति के खिलाफ वोट करने की अपील की थी.

पाकिस्तान सरकार ने मंदिरों की मरम्मत कर हिंदुओं को सौंपने का फैसला किया

पाकिस्तान की सरकार ने हिंदू मंदिरों की मरम्मत करने और उन्हें दोबारा खोलने का फैसला किया है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक पाकिस्तान के हिंदू अल्पसंख्यक लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे. बताया जाता है कि सरकार करीब 400 मंदिरों की मरम्मत कर उन्हें हिंदू समुदाय कौ सौंपने की तैयारी में है. यह प्रक्रिया सियालकोट और पेशावर के दो ऐतिहासिक मंदिरों से शुरू की जाएगी. इससे पहले एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ था कि विभाजन (1947) के बाद ये मंदिर रेस्त्रां, स्कूल या फिर सरकारी दफ्तर में तब्दील हो गए थे.

साहित्यकार डॉ के शिवा रेड्डी को साल 2018 का सरस्वती सम्मान

तेलुगु भाषा के साहित्यकार डॉ के शिवा रेड्डी को साल 2018 के सरस्वती सम्मान के लिए चुना गया है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक उन्हें यह सम्मान उनके काव्य संग्रह ‘पक्ककी ओत्तिगिलिते’ के लिए दिया जाएगा. सरस्वती सम्मान प्रत्येक वर्ष केके बिरला फाउंडेशन द्वारा दिया जाता है. यह सम्मान किसी भारतीय भाषा में 10 वर्ष की अवधि में प्रकाशित कृति पर दिया जाता है. इस पुरस्कार के साथ प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न के साथ 15 लाख रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान की जाती है. इससे पहले बीते साल गुजराती कवि सितांशु यशसचंद्र को उनके काव्य संग्रह ‘वखार’ के लिए यह सम्मान दिया गया था.