लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण के मतदान के आसपास सोशल मीडिया पर एक पुराना मैसेज फिर से वायरल हुआ है. वॉट्सएप मैसेजिंग को लेकर चेतावनी देता यह मैसेज दावा करता है कि राजनीति या सरकार से जुड़ा कोई संदेश शेयर करना किसी यूज़र को सरकारी कार्रवाई के निशाने पर ला सकता है.

तमाम सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्मों पर शेयर किए जा रहे इस मैसेज में लिखा है, ‘कृपया ध्यान दें. जब आप वॉट्सएप से कोई मैसेज भेजते हैं तो आपको कुछ चेक मार्क दिखते हैं. एक मार्क का मतलब है कि मैसेज भेजा दिया गया है. दो मार्क का मतलब है कि मैसेज पहुंच चुका है. अगर दोनों मार्क नीले रंग के हो जाएं तो मतलब मैसेज पढ़ लिया गया है. तीन नीले मार्क दिखने का मतलब है कि सरकार ने आपके मैसेज को नोटिस में लिया है. दो नीले और एक लाल मार्क इस बात का संकेत है कि सरकार कार्रवाई कर सकती है. एक नीले और दो लाल मार्कों का मतलब है कि सरकार ने मैसेज को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है. तीनों मार्क लाल हो जाएं तो समझ जाएं कि सरकार पहले ही आपके ख़िलाफ़ एक्शन ले चुकी है और जल्दी ही अपने मैसेज के लिए आपको कोर्ट से समन मिलेगा. इसलिए सार्वजनिक गतिविधियों, राजनीति और सरकार के विरोध से जुड़े किसी भी संदेश को किसी और को फ़ॉरवर्ड करने को लेकर सावधान रहें. दूसरों को भी सूचित करें.

वायरल मैसेज
वायरल मैसेज

सोशल मीडिया पर कई लोग इस मैसेज पर यक़ीन कर इसे शेयर कर रहे हैं. हालांकि इसमें कोई सच्चाई नहीं है, क्योंकि वॉट्सएप ऐसा कोई फ़ीचर अभी तक लेकर नहीं आया है जिसमें किसी ख़ास मैसेज पर तीन टिक या चेक मार्क दिखते हैं. इस बारे में आप वॉट्सएप के सुरक्षा व गोपनीयता संबंधी नियम बक़ायदा हिंदी में पढ़ सकते हैं. सच्चाई यह है कि वॉट्सएप पर दो लोगों के बीच की बातचीत को कोई तीसरी पार्टी अभी भी नहीं देख सकती. वॉट्सएप ने अपने इस फ़ीचर को बरक़रार रखा हुआ है. इसलिए यह दावा भी सही नहीं है कि सरकार आपकी चैटिंग पर नज़र रखे हुए है.

इससे पहले भी कुछ इसी तरह का संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है. फ़ेक न्यूज़ का भंडाफोड़ करने वाली वेबसाइट बूमलाइव डॉट इन ने जुलाई, 2018 की अपनी एक रिपोर्ट में वॉट्सएप के प्रवक्ता के हवाले से बताया था कि ऐसे मिलते-जुलते संदेश काफ़ी समय से शेयर किए जा रहे हैं जिनमें कोई सच्चाई नहीं है. उन्होंने तब भी स्पष्ट किया था कि वॉट्सएप कभी भी चैट पर तीन चेक मार्क नहीं दिखाता.

(अगर आपके पास सोशल मीडिया के ज़रिए ऐसी कोई जानकारी (ख़बर, तस्वीर या वीडियो) आई है, जिसके सही होने पर आपको संदेह हो तो उसे हमें dushyant@satyagrah.com पर भेज दें. हम उसकी जांच कर सच सामने लाने का प्रयास करेंगे.)