‘मैं पहले चरण के मतदान के साथ अपनी सरकार की लहर महसूस कर रहा हूं.’  

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात असम के सिलचर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने असम की पांचों लोकसभा सीटें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के खाते में जाने का दावा भी किया. इसके साथ ही कांग्रेस पर निशाना साधते हुए नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा, ‘मुंह में चांदी की चम्मच लेकर पैदा होने वाले सिर्फ चाय का स्वाद ही महसूस करते हैं. वे चायपत्ती बनने के पीछे होने वाली मेहनत को नहीं समझ सकते.’

‘भारतीय जनता पार्टी को 2004 के चुनावी नतीजे याद रखने चाहिए.’  

— सोनिया गांधी, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष

सोनिया गांधी ने यह बात उत्तर प्रदेश की रायबरेली संसदीय सीट से अपना पर्चा दाखिल करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘2004 के चुनाव के दौरान सियासी पंडितों ने इंडिया शाइनिंग का हवाला देते हुए केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के लौटने के दावे किए थे. लेकिन तब के चुनावी नतीजे दावों के विपरीत आए थे और कांग्रेस को जीत मिली थी.’ इस मौके पर सोनिया गांधी का यह भी कहना था कि वाजपेयी की तरह नरेंद्र मोदी भी अपराजेय नहीं हैं.


‘केंद्र में दोबारा सरकार बनने पर हम पूरे देश में एनआरसी लागू करेंगे.’  

— अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष

अमित शाह ने यह बात पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘भाजपा के लिए देश की सुरक्षा सर्वप्रथम है. हम घुसपैठियों को इस्तेमाल वोट बैंक के तौर पर नहीं करते.’ इसके साथ ही अमित शाह का यह भी कहना था, ‘हमारी सरकार सुनिश्चित करेगी कि देश के हर एक हिंदू, बौद्ध और सिख शरणार्थी को भारत की नागरिकता मिले.’


‘राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस ने गृह मंत्रालय को कोई पत्र नहीं लिखा.’  

— अभिषेक मनु सिंघवी, कांग्रेस के नेता

अभिषेक मनु सिंघवी ने यह बात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही है. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘इसमें कोई संदेह नहीं कि स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) और गृह मंत्रालय अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह सचेत हैं. फिर चाहे वह प्रधानमंत्री की सुरक्षा हो, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी या देश के किसी अन्य पार्टी के प्रमुख की.’ इससे पहले गुरुवार को ही मीडिया में राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस की तरफ से सरकार को चिट्ठी लिखे जाने संबंधी खबरें आई थीं.


‘हमारी विचारधारा से असहमति रखने वालों को हम राष्ट्र विरोधी नहीं कहना चाहते.’  

— नितिन गडकरी, भाजपा नेता

नितिन गडकरी ने यह बात एक इंटरव्यू के दौरान कही. इसके साथ ही उन्होंने इसे मीडिया की तरफ से फैलाया गया प्रोपेगेंडा भी बताया. नितिन गडकरी का यह भी कहना था कि देश में हर किसी को अपने विचारों की अभिव्यक्ति का अधिकार है. साथ ही विचारों में असमानता ही सही मायने में ‘सच्चा लोकतंत्र’ है.