केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अपनी पढ़ाई को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं. गुरुवार को अमेठी लोकसभा सीट से नामांकन भरते हुए अपने हलफनामे में उन्होंने बताया कि वे ग्रैजुएट नहीं हैं. स्मृति ईरानी ने लिखा है कि ग्रैजुएशन की पढ़ाई के लिए उन्होंने 1994 में दिल्ली विश्वविद्यालय के तहत ओपन स्कूल में दाखिला लिया था, लेकिन तीन साल का कोर्स पूरा नहीं किया.

यह जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर स्मृति ईरानी को लेकर कई तरह प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. वहीं, कांग्रेस पार्टी ने केंद्रीय मंत्री के खिलाफ हमलावर रुख अपनाया हुआ है. पार्टी का कहना है कि स्मृति ईरानी का हलफनामा प्रमाणित करता है कि पहले उन्होंने झूठ बोला था, इसलिए उनका नामांकन रद्द किया जाना चाहिए.

न्यूज18 के मुताबिक उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने कहा है कि स्मृति ईरानी ने डिग्री को लेकर अपने झूठ को हलफनामे में प्रमाणित किया है, इसलिए उनकी जगह जनता और संसद में नहीं ‘जेल में है’. अवस्थी ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्मृति बार-बार जनता से और चुनाव आयोग से जो झूठ बोल रही हैं, वह एक बार भी उजागर हो गया है. हालांकि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला जैसे नेताओं ने स्मृति का बचाव भी किया है.

स्मृति ईरानी की शैक्षिक योग्यता को लेकर पहले भी विवाद सामने आए हैं. 2004 में उन्होंने दिल्ली के चांदी चौक लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था. तब अपने शपथ पत्र में उन्होंने कहा था कि वे बीए पास हैं. लेकिन 2014 में अमेठी से नामांकन भरते वक्त उन्होंने अपनी शैक्षिक योग्यता बीकॉम बताई थी. इसके चलते कई बार सार्वजनिक मंचों पर स्मृति ईरानी से सवाल भी पूछे जाते रहे हैं. इस दौरान यह मामला कोर्ट भी पहुंचा. उस समय स्मृति मानव संसाधन विकास मंत्री थीं.