सेना के आठ पूर्व प्रमुखों और 148 अन्य पूर्व सैनिकों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर सशस्त्र सेनाओं का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने पर आक्रोश जताया है. पत्र में इन पूर्व सैनिकों ने लिखा, ‘महोदय हम नेताओं की असामान्य और पूरी तरह से अस्वीकृत प्रक्रिया का जिक्र कर रहे हैं जिसमें वह सीमा पार हमलों जैसे सैन्य अभियानों का श्रेय ले रहे हैं और यहां तक कि सशस्त्र सेनाओं को ‘मोदी जी की सेना’ बताने का दावा तक कर रहे हैं.’

पीटीआई के मुताबिक पत्र पर जिन लोगों के हस्ताक्षर हैं उनमें पूर्व सेना प्रमुख जनरल एसएफ रोड्रिग्ज (सेवानिवृत्त), जनरल शंकर रॉयचौधरी (सेवानिवृत्त) और जनरल दीपक कपूर (सेवानिवृत्त) व भारतीय वायु सेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल एनसी सूरी (सेवानिवृत्त) शामिल हैं. इनके अलावा तीन पूर्व नौसेना प्रमुखों एडमिरल एल रामदास, एडमिरल अरुण प्रकाश, एडमिरल मेहता और एडमिरल विष्णु भागवत (सभी सेवानिवृत्त) ने भी पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं.

पूर्व सैनिकों ने कहा है कि यह चिंता और सेवारत तथा सेवानिवृत्त सैनिकों के बीच असंतोष का मामला है कि सशस्त्र सेनाओं का इस्तेमाल राजनीतिक एजेंडा चलाने के लिए किया जा रहा है. उन्होंने चुनाव प्रचार अभियानों में भारतीय वायु सेना के पायलट अभिनंदन वर्तमान और अन्य सैनिकों की तस्वीरों के इस्तेमाल पर भी नाखुशी जताई है.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक चुनावी रैली में सशस्त्र सेनाओं को ‘मोदीजी की सेना’ बताया था. इस पर विपक्षी दलों के साथ निर्वाचन आयोग ने भी कड़ी आपत्ति जताई थी.