बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की नेता राबड़ी देवी ने शुक्रवार को दावा किया कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने उनके पति लालू प्रसाद यादव के सामने यह प्रस्ताव रखा था कि राजद और नीतीश कुमार के जदयू का विलय कर दिया जाए. उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर चाहते थे कि दोनों दल मिलकर एक दल बन जाएं और नए दल को चुनावों से पहले अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना चाहिये.

राबड़ी देवी ने कहा, ‘हमारे सभी कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी इस बात के गवाह हैं कि उन्होंने हमसे कम से कम पांच बार मुलाकात की. इनमें से अधिकांश तो पटना के दस, सर्कुलर रोड पर हुईं और एकाध मुलाकात तेजस्वी यादव के आवास पर हुईं.’ उन्होंने कहा कि अगर प्रशांत किशोर, लालू प्रसाद से इस प्रस्ताव को लेकर मुलाकात करने से इंकार करते हैं तो वह सफेद झूठ बोल रहे हैं. राबड़ी देवी ने यह भी कहा कि मैं इस प्रस्ताव पर बहुत नाराज हो गई थी और उनसे चले जाने को कहा था क्योंकि नीतीश के धोखा देने के बाद मुझे उन पर भरोसा नहीं रहा था.

प्रशांत किशोर ने ट्विटर पर यह स्वीकार किया है कि उन्होंने नीतीश कुमार के जदयू में शामिल होने से पहले लालू से कई बार मुलाकात की थी. किशोर ने यह भी कहा कि अगर वह यह बताएं कि किस बात पर चर्चा हुई थी तो लालू को शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है.