चुनाव आयोग विपक्षी दलों और भाजपा की चुनावी रस्साकशी में फंसता दिख रहा है. एक तरफ केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा ने कहा है कि चुनाव आयोग उसकी शिकायतों की अनदेखी करता है. वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भी ईवीएम मशीनों की कथित गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग की कड़ी आलोचना की है.

एनडीटीवी के मुताबिक रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से जुड़ी उसकी शिकायतों की अनदेखी कर रहा है. उन्होंने शुक्रवार को राहुल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर झूठी बातें कहने का आरोप लगाते हुए यह बात कही. इस संबंध में रक्षा मंत्री और भाजपा सांसद मुख्तार अब्बास नकवी के नेतृत्व में भाजपा का प्रतिनिधि दल चुनाय आयोग पहुंचा था.

खबर के मुताबिक इस दौरान निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘कांग्रेस अध्यक्ष गलत शब्दों और झूठे बयानों का इस्तेमाल कर रहे हैं. वे सुप्रीम कोर्ट के दिसंबर में दिए फैसले और बिना सबूत के बावजूद लगातार प्रधानमंत्री को ‘चोर’ कह रहे हैं. साथ ही, अपनी बात सुप्रीम कोर्ट पर थोप रहे हैं.’ रक्षा मंत्री ने आगे कहा, ‘हमने चुनाव आयोग में शिकायत की है कि न तो सुप्रीम कोर्ट और न ही सीएजी इस तरह की बात कही है. लेकिन चुनाव आयोग ने कोई संज्ञान नहीं लिया. वह कहीं और देखता रहा.’

उधर, चंद्रबाबू नायूड ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया है कि उसने चुनाव प्रक्रिया को एक ‘बड़ा तमाशा’ बना दिया है. गुरुवार को राज्य की 175 विधानसभा और 25 लोकसभा सीटों पर मतदान के दौरान ईवीएम मशीनों में हुई कथित गड़बड़ी को लेकर वे खासे नाराज थे. इसे लेकर शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आयोग की जम कर आलोचना की. उन्होंने 30 से 40 प्रतिशत ईवीएम मशीनों के खराब होने या काम नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘यह एक बहुत बड़ा तमाशा है. देश के लिए तबाही है. मैं कह सकता हूं कि यह एक बड़ी गड़बड़ है, बड़ा तमाशा है.’

वहीं, ईवीएम मशीनों को लेकर उप-चुनाव आयुक्त के स्पष्टीकरण पर टीडीपी प्रमुख ने कहा, ‘मैंने कभी भी इतना असंवेदनशील, अवास्तविक, गैरजिम्मेदार और बेकार चुनाव आयोग नहीं देखा. क्या आप लोकतंत्र को मजाक समझते हैं? चुनाव आयोग भाजपा का कार्यालय बन गया है.’ चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि वे वीवीपैट पर्चियों की गणना को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश पर पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे. उन्होंने कहा, ‘मैं कल (चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलने) दिल्ली जाऊंगा. चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए कि उसने यह सब क्यों किया. उसके बाद हम ईवीएम को लेकर कोई फैसला लेंगे.’