जलियांवाला बाग हत्याकांड के लिए भारत में ब्रिटेन के उच्चायुक्त डाेमिनिक एस्क़िथ ने ख़ेद जताया है. उन्होंने शनिवार को अमृतसर के जलियांवाला बाग में बने स्मारक में जाकर पुष्पांजलि भी अर्पित की.

ब्रिटिश उच्चायुक्त ने पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद कहा, ‘जलियांवाला बाग में 100 साल पहले जो हुआ वह ब्रिटिश-भारतीय इतिहास को शर्मिंदा कर देने वाली कार्रवाई थी. जो भी हुआ और उससे जिस तरह की तक़लीफ़ हुई उसके लिए हम (ब्रिटेन) गहरा ख़ेद व्यक्त करते हैं.’ मीडिया ने उनसे जब पूछा कि ब्रिटिश सरकार ने आज तक इस घटना के लिए माफ़ी क्यों नहीं मांगी. इस पर उन्होंने कहा, ‘मैं जानता हूं कि यह एक अहम सवाल है. लेकिन इस वक़्त मैं सिर्फ़ इतना कहूंगा कि यहां मेरे आने का मंतव्य समझने की कोशिश कीजिए. मैं यहां उन लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करने आया हूं जो उस हत्याकांड में मारे गए थे.’

ग़ौरतलब है कि इससे पहले ब्रिटिश प्रधानममंत्री टेरेसा मे ने भी बुधवार को कहा था, ‘जलियांवाला बाग हत्याकांड एक शर्मनाक कार्रवाई थी.’ याद दिलाते चलें कि जलियांवाला बाग की आज, 13 अप्रैल को 100वीं बरसी है. आज ही एक दिन 1919 में ब्रिटिश ब्रिगेडियर जनरल डायर की फौज़ ने अमृतसर के जलियांवाला बाग में निहत्थे भारतीयों पर गोलियां बरसाईं थीं. कहते हैं उस दिन 1650 राउंड फायर हुए थे. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ 379 लोग मारे गए थे, 1500 घायल हुए थे. हालांकि मरने वालों की तादाद 1000 के आसपास बताई जाती है. ब्रिटेन ने इस घटना के 100 साल भी इसके लिए माफ़ी नहीं मांगी है.