बीते दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के चेहरे पर दिखी हरी लाइट की गुत्थी सुलझ गई है. राहुल गांधी और उनके जैसे अन्य विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी उठाने वाले- एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) ने इसकी जांच की थी. इसमें पाया गया है कि वह लाइट असल में कांग्रेस के ही एक कार्यकर्ता के आईफोन की थी.

ख़बरों के मुताबिक कांग्रेस के कार्यकर्ता ने अपने आईफोन से राहुल गांधी की मीडिया वार्ता का जो वीडियो रिकॉर्ड किया था उसमें ही वह हरी लाइट विशेष तौर पर नज़र आई थी. लिहाज़ा मामले की जांच के दौरान एसपीजी ने उस कार्यकर्ता से संपर्क किया. उसके आईफोन की जांच भी की. इसमें पाया कि आईफोन से रिकॉर्ड करते वक्त सामने वाले व्यक्ति-वस्तु (जिसकी रिकॉर्डिंग की गई है) पर ऐसी लाइट पड़ती है और दिखती भी सिर्फ़ उसी रिकॉर्डेड वीडियो में है. एसपीजी द्वारा एक अन्य आईफोन से रिकॉर्डिंग करने पर भी इसकी पुष्टि हुई.

ग़ौरतलब है कि इसी बुधवार को राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश की अमेठी संसदीय सीट से नामांकन दाखिल किया था. इसके बाद जब वे पत्रकारों से बात कर रहे थे तो कुछ ही समय के भीतर उनके सिर के आसपास सात बार हरे रंग की लेज़र लाइट पड़ती दिखाई दी थी. उस दौरान दो बार वह लेज़र लाइट उनकी दाहिनी कनपटी पर भी पड़ी थी. इसके बाद कांग्रेस ने गृह मंत्रालय को चिट्ठी लिखी थी. इसमें वह लेज़र लाइट किसी स्नाइपर गन (सटीक निशाने वाली बंदूक) की हो सकती है. साथ ही कहा था कि इस मामले की जांच कराई जानी चाहिए. चिट्ठी के साथ कांग्रेस ने गृह मंंत्रालय को वह फुटेज भी भेजी थी जिसमें राहुल गांधी पर लेज़र लाइट पड़ती दिखाई दी थी.