प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हमशक्ल’ कहे जाने वाले अभिनंदन पाठक को चुनाव आयोग ने एक नोटिस भेजा है. पाठक उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. पीटीआई के मुताबिक उन्हें यह नोटिस उनके नारे ‘एक वोट, एक नोट’ के लिए भेजा गया है. अभिनंदन पाठक ने शुक्रवार को नामांकन दाखिल करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि ‘एक वोट, एक नोट’ उनका चुनावी नारा होगा. लखनऊ में पांचवें चरण के तहत आगामी छह मई को मतदान होगा.

शुक्रवार शाम को जारी इस नोटिस में जिला निर्वाचन अधिकारी की तरफ से कहा गया है कि अभिनंदन पाठक के इस बयान के पीछे वोट के लिये मतदाताओं को लालच देने की मंशा नजर आती है. इस लिहाज से यह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन लगता है. पाठक को जवाब दाखिल करने के लिये 24 घंटों का समय दिया गया है. इस समयावधि में अगर जवाब नहीं मिला तो इस नोटिस के मुताबिक उनके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा.

लखनऊ सीट पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह को टक्कर देने आए अभिनंदन पाठक ने वाराणसी सीट से भी नामांकन की घोषणा की है. उन्होंने कहा है कि वे आगामी 26 अप्रैल को प्रधानमंत्री मोदी की इस संसदीय सीट से पर्चा दाखिल करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह दिखने और उन्हीं की तरह आधी बांह का कुर्ता और पायजामा पहनने वाले अभिनंदन पाठक ने दावा किया है कि वे डमी नहीं बल्कि गम्भीर प्रत्याशी हैं. इसके साथ ही उनका कहना है कि वे ‘जुमलेबाजी’ के खिलाफ हैं और चुनाव जीतने के बाद प्रधानमंत्री पद के लिये राहुल गांधी का समर्थन करेंगे. मूलत: सहारनपुर के रहने वाले पाठक पिछले साल रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इण्डिया छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे. उन्होंने बीते साल हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिये कई रैलियां भी की थीं.