संकट से गुजर रही जेट एयरवेज के पायलटों के राष्ट्रीय संगठन नेशनल एविएटर्स गिल्ड (एनएजी) से जुड़े करीब 1,100 पायलटों ने वेतन भुगतान नहीं होने की वजह से सोमवार सुबह 10 बजे से विमान नहीं उड़ाने का फैसला किया है.

गिल्ड के एक सूत्र ने बताया, ‘हमें पिछले साढ़े तीन महीने का वेतन नहीं मिला है और हमें यह भी नहीं पता कि हमारा वेतन कब मिलेगा. इसलिए हमने 15 अप्रैल से जहाज नहीं उड़ाने का फैसला किया है. एनएजी के सभी 1,100 पायलट सोमवार सुबह से उड़ान नहीं भरेंगे.’ पायलट के साथ-साथ इंजीनियर और वरिष्ठ प्रबंधकों को भी जनवरी से वेतन नहीं मिला है. कर्ज में डूबी इस कंपनी ने अन्य वर्ग के कर्मचारियों को भी मार्च का वेतन नहीं दिया है.

एनएजी कुल 1,600 पायलटों में से 1,100 पायलटों के प्रतिनिधित्व का दावा करता है. इकाई ने मार्च के अंत में एक अप्रैल से जहाज नहीं उड़ाने का निर्णय किया था. बाद में इसे 15 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया था. उनका कहना था कि वह नए प्रबंधन को कुछ और समय देना चाहते हैं. भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई में बैंकों का एक समूह इन दिनों जेट एयरवेज के प्रबंधन का काम देख रहा है.