फिनलैंड में वामपंथी सोशल डेमोक्रेट्स ने रविवार को हुए आम चुनाव में बेहद मामूली अंतर से जीत दर्ज की. मतगणना पूरी होने के बाद एन्टी रिने (56) के नेतृत्व वाली सोशल डेमोक्रेट्स ने संसद में 40 सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं, कट्टरपंथी एमईपी जुस्सी हल्ला-अहो के नेतृत्व वाली घोर दक्षिणपंथी फिन्स पार्टी को 39 सीटें मिलीं. पीटीआई के मुताबिक उसे अपने प्रवासी रोधी अभियान के दौरान काफी समर्थन मिला था, लेकिन वह इसे जीत में तब्दील नहीं कर पाई.

फिनलैंड में हर चार सालों में आम चुनाव होते हैं. पिछली बार हुए चुनावों के बाद यहां की केंद्रीय पार्टी, फिन्स पार्टी और राष्ट्रीय गठबंधन पार्टी ने मिलकर सरकार बनाई थी. साल 2017 में इस गठबंधन में दरार तब आई जब फिन्स पार्टी ने हल्ला-अओ को अपना प्रमुख चुना जिसे प्रधानमंत्री जूहा सिपिला ने स्वीकार नहीं किया. हालांकि तब किसी तरह यह गठबंधन सरकार बच गई थी. लेकिन मार्च में सिपिला सरकार ने स्वास्थ्य और अन्य सुधारों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया जिसके बाद फिनलैंड में चुनाव होना निश्चित हो गया. समझा जाता है कि यह चुनावी रणनीति के तहत किया गया था.