रफाल विमानों के सौदे से जुड़े मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी सवालाें के घेरे में आ गए हैं. इस मामले में उनके दिए पिछले बयान पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी से स्पष्टीकरण मांग लिया है.

शीर्ष अदालत ने दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी की सांसद मीनाक्षी लेखी की अर्ज़ी पर सुनवाई करते हुए राहुल गांधी से यह स्पष्टीकरण मांगा. मीनाक्षी लेखी ने बीते शुक्रवार को अदालत में यह अर्ज़ी लगाई थी. इसमें उन्होंने कहा था कि रफाल मामले में राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. मीनाक्षी की तरफ़ से पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया, ‘राहुल गांधी ने टिप्पणी की है कि अब तो ‘सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि चौकीदार (नरेंद्र मोदी के लिए) जी ने चोरी की’ है.’ इस बयान के आधार पर मीनाक्षी ने कांग्रेस अध्यक्ष के ख़िलाफ़ अदालत की आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की थी.

ग़ौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने रफाल मामले में पहले केंद्र सरकार काे क्लीन चिट दे दी थी. इस सौदे की प्रक्रिया या कीमत आदि के मसले पर सुनवाई से इंकार कर दिया था. लेकिन फिर याचिकाकर्ताओं ने कुछ दस्तावेज़ पेश कर इस फ़ैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की. इस पर सरकार की ओर से दलील दी गई कि अदालत में पेश गोपनीय दस्तावेज़ चोरी से हासिल किए गए हैं. इन्हें सबूत नहीं माना जा सकता. लेकिन अदालत ने बीते हफ़्ते बुधवार को केंद्र सरकार की दलील को ख़ारिज़ कर दिया. साथ ही याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश दस्तावेज़ के आधार पर मामले में पुनर्विचार को अदालत राज़ी हो गई. राहुल गांधी ने इसी फ़ैसले के बाद प्रधानमंत्री पर टिप्पणी की थी.