चुनाव आयोग ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को विवादित बयान देने के मामले में मंगलवार से अलग-अलग अवधि के लिए चुनाव प्रचार करने से रोक दिया है. उसने सोमवार को इस बारे में आदेश जारी कर मेनका गांधी को मंगलवार (16 अप्रैल) को सुबह दस बजे से अगले 48 घंटे तक देश में कहीं भी किसी भी प्रकार के चुनाव प्रचार में हिस्सा लेने से रोक दिया है. पीटीआई की खबर के मुताबिक यह पहला मौका है जब किसी केंद्रीय मंत्री के प्रचार अभियान में हिस्सा लेने पर देशव्यापी रोक लगाई गई है. वहीं, इसी तरह एक अन्य आदेश में आजम खान को भी मंगलवार सुबह दस बजे से अगले 72 घंटे तक चुनाव प्रचार करने से रोका गया है.

गौरतलब है कि मेनका गांधी उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर संसदीय क्षेत्र से भाजपा की उम्मीदवार हैं. बीती 11 अप्रैल को सुल्तानपुर में एक नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने मुसलमानों के बारे में टिप्पणी की थी. वहीं, रामपुर से सपा के उम्मीदवार आजम खान ने भाजपा प्रत्याशी जया प्रदा के बारे में आपत्तिजनक बयान दिया था. चुनाव आयोग ने इन दोनों मामलों में संज्ञान लेते हुए इन नेताओं पर कार्रवाई की है. खबर के मुताबिक यह दूसरा मौका है जब आजम खान को आयोग द्वारा प्रचार करने से प्रतिबंधित किया गया हो.

इससे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान आयोग ने भाजपा नेता गिरिराज सिंह को झारखंड और बिहार में प्रचार करने से रोक दिया था. वहीं, उन्हीं चुनावों में उसने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और सपा नेता आजम खान को भी उत्तर प्रदेश में प्रचार करने से रोका था. वहीं, इस बार आजम खान पर कार्रवाई करते हुए आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि सपा नेता ने अपने चुनाव प्रचार अभियान के तरीके में कोई बदलाव नहीं किया है और वे अभी भी बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं.