सुप्रीम कोर्ट मस्जिदों में महिलाओं के निर्बाध प्रवेश की इजाज़त देने संबंधी अर्ज़ी पर सुनवाई के लिए राज़ी हो गया है. इस संबंध में दायर याचिका का बुधवार को परीक्षण किया जाएगा.

ख़बरों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने अर्ज़ी को सुनवाई के लिए मंज़ूर करते हुए कहा, ‘हम सबरीमला मंदिर से जुड़े फ़ैसले की वज़ह से इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं. देखते हैं ,आगे क्या होता है.’ इसके साथ ही अदालत ने केंद्र सरकार, केंद्रीय वक़्फ बोर्ड और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को नोटिस भी जारी किए. उनसे इस मामले में अपना पक्ष रखने को कहा गया है.

सुप्रीम कोर्ट में इस बाबत महाराष्ट्र की यास्मीज ज़ुबेर अहमद पीरज़ादे और उनके पति ज़ुबेर अहमद पीरज़ादे ने याचिका लगाई है. इसमें उन्हाेंने मांग की है कि मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश और उन्हें नमाज़ पढ़ने की निर्बाध इजाज़त दी जाए. उन्होंने याचिका में केरल के सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मामले का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि वे इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से प्रेरित हैं.

ग़ौरतलब है कि केरल के सबरीमला मंदिर में भी पिछले साल तक 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं का प्रवेश प्रतिबंधित था. इस प्रतिबंध के पीछे पारंपरिक तर्क ये था कि इस आयु में महिलाओं मासिक धर्म से गुजरती हैं इसलिए वे भगवान अयप्पा के दर्शन, पूजा आदि नहीं कर सकतीं. लेकिन सुप्रीम काेर्ट ने बीते सितंबर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के लिए मंदिर में प्रवेश की इजाज़त दे दी थी.