भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की मानें तो इस बार देश में मानसून ‘करीब-करीब सामान्य’ सामान्य रह सकता है. इसके 96 फ़ीसदी के आसपास रहने का अनुमान है.

ख़बरों के मुताबिक आईएमडी ने कहा है कि 39 फ़ीसदी संभावना इसी बात की है कि मानसूनी बारिश इस बार ‘करीब-करीब सामान्य’ रहेगी. जबकि 32 प्रतिशत अनुमान ये है कि मानसून सामान्य से कम रह सकता है. वहीं अल्पवर्षा की आशंका सिर्फ़ 17 फ़ीसद के आसपास है. इन अनुमानों में मानसूनी बारिश पांच फ़ीसदी कम-ज़्यादा होने (एरर मार्जिन) की संभावना भी है.

देश में जारी चुनाव प्रक्रिया के बीच मानसून की यह भविष्यवाणी किसानों और अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी ख़बर मानी जा रही है. ध्यान रखने की बात है कि देश में मानसूनी सीजन जून से सितंबर के बीच होता है. इस दौरान अगर पूरे देश में 96 से 104 प्रतिशत के बीच बारिश हो जाती है तो उसे सामान्य माना जाता है. जबकि 90 से 96 फ़ीसदी के बीच बारिश को सामान्य से कम कहा जाता है.

वैसे यहां ग़ौरतलब यह भी है कि कुछ समय पहले मौसम की भविष्यवाणी करने वाली निजी एजेंसी स्काईमैट ने इस बार मानसून सामान्य से कम रहने का अनुमान लगाया था. उसके मुताबिक पूरे सीजन में देशभर में महज 93 फ़ीसदी बारिश होने की संभावना है. एजेंसी के अनुसार इसका कारण प्रशांत महासागर पर बना अल-नीनो प्रभाव है.