कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि रफाल मामले में राहुल गांधी के बयान पर सुप्रीम कोर्ट में स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को नोटिस जारी किया है. मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल काे होने वाली है.

इस बाबत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘उन्होंने (अदालत ने) हमसे स्पष्टीकरण मांगा है. वह हम दे देंगे.’ पार्टी के एक अन्य नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अपनी तरह से व्याख्या करने का किसी का कोई इरादा नहीं था. किसी ने ऐसा कुछ किया भी नहीं है. अदालत को ग़लत जानकारी दी गई है. इसका हम समुचित ज़वाब देंगे.’

ग़ौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी की सांसद मीनाक्षी लेखी की अर्ज़ी पर सुनवाई करते हुए राहुल गांधी से स्पष्टीकरण मांगा था. मीनाक्षी लेखी ने बीते शुक्रवार को अदालत में अर्ज़ी लगाई थी. इसमें उन्होंने कहा था कि रफाल मामले में राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में भ्रम फैला रहे हैं. मीनाक्षी की तरफ़ से पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया, ‘राहुल गांधी ने टिप्पणी की है कि अब तो ‘सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि चौकीदार (नरेंद्र मोदी के लिए) जी ने चोरी की’ है.’ इसी बयान के आधार पर मीनाक्षी ने कांग्रेस अध्यक्ष के ख़िलाफ़ अदालत की आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की थी.

ध्यान रखने की बात यह भी है कि सुप्रीम कोर्ट ने रफाल मामले में पहले केंद्र सरकार काे क्लीन चिट दे दी थी. इस सौदे की प्रक्रिया या कीमत आदि के मसले पर सुनवाई से इंकार कर दिया था. लेकिन फिर याचिकाकर्ताओं ने कुछ दस्तावेज़ पेश कर इस फ़ैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की. इस पर सरकार की ओर से दलील दी गई कि अदालत में पेश गोपनीय दस्तावेज़ चोरी से हासिल किए गए हैं. इन्हें सबूत नहीं माना जा सकता. लेकिन अदालत ने बीते हफ़्ते बुधवार को केंद्र सरकार की दलील को ख़ारिज़ कर दिया. साथ ही याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश दस्तावेज़ के आधार पर मामले में पुनर्विचार को भी राज़ी हो गई. राहुल गांधी ने इसी फ़ैसले के बाद प्रधानमंत्री पर टिप्पणी की थी.