लोकसभा के इस चुनाव में चुनाव आयोग की सख्ती के बावजूद विभिन्न दलों के नेताओं की तरफ से विवादित बयान दिए जाने का सिलसिला जारी है. अब इस कड़ी में कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू का नाम भी जुड़ गया है. खबरों के मुताबिक मंगलवार को बिहार के कटिहार में एक रैली को संबोधित करते हुए मुसलमान मतदाताओं से उन्होंने ‘महागठबंधन’ के उम्मीदवार के पक्ष में वोट करने की अपील की.

इस मौके पर नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, ‘मैं आपको यहां चेतावनी देने आया हूं. ये (भारतीय जनता पार्टी) बांट रहे हैं आपको. ये यहां असदुद्दीन ओवैसी जैसे लोगों को लाकर, एक नई पार्टी खड़ी करके आप लोगों के वोट बांटना चाहते हैं. आप लोगों की आबादी यहां 64 प्रतिशत है. अगर आप लोग इकट्ठा हुए, आप लोगों ने एकजुट होकर वोट डाला तो सब उलट जाएंगे. मोदी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) भी सुलट (हार) जाएगा.’ इसके साथ ही नवजोत सिंह सिद्धू ने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए उनसे ऐसा ‘छक्का’ मारने की अपील कि जिससे कि मोदी ‘बाउंड्री’ के पार हो जाएं.

बीते दिनों बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने भी उत्तर प्रदेश के देवबंद में मुस्लिम वोटरों से कुछ ऐसी ही अपील की थी. साथ ही उन्हें अपने वोटों का बंटवारा न करने की सलाह देते हुए समाजवादी पार्टी (सपा)-बसपा गठबंधन के पक्ष में वोट करने के लिए भी कहा था. तब उनके उस बयान पर पलटवार करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी एक विवादित बयान आया था. योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि विपक्षी दलों को अगर ‘अली’ पर भरोसा है तो उन्हें ‘बजरंगबली’ पर विश्वास है.

उन बयानों पर संज्ञान लेते हुए चुनाव आयोग ने दोनों नेताओं से जवाब मांगा था. उसके बाद इसी सोमवार को योगी आदित्यनाथ के प्रचार करने पर तीन दिन जबकि मायावती के लिए दो दिन की रोक लगा दी थी. इन दोनों के अलावा ऐसी ही कार्रवाई भाजपा की नेता मेनका गांधी और सपा नेता आजम खान के खिलाफ भी की गई है. बीते हफ्ते मेनका गांधी के एक बयान पर ऐतराज जताते हुए कांग्रेस ने उन पर मुसलमान वोटरों को ‘धमकाने’ के आरोप लगाए थे. इसके अलावा आजम खान ने इसी रविवार रामपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी जया प्रदा को लेकर एक विवादित बयान दिया था.