महाराष्ट्र में कांग्रेस को अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता विपक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल की वजह से शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है. इसकी वजह है लोकसभा के इस चुनाव में उनका भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक उम्मीदवार के लिए प्रचार करना. हालांकि भाजपा का यह उम्मीदवार कोई और नहीं बल्कि उनके बेटे सुजय विखे पाटिल हैं जो पिछले ही महीने भाजपा में शामिल हो गए थे. इसके बाद भाजपा ने उन्हें अहमदनगर संसदीय क्षेत्र से अपना प्रत्याशी भी घोषित कर दिया था.

एनडीटीवी के मुताबिक बेटे के प्रचार के दौरान राधाकृष्ण विखे पाटिल ने हाल ही में अहमदनगर के राहूरी कस्बे में एक सभा को भी संबोधित किया था. उस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र में कांग्रेस की सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के मुखिया शरद पवार पर निशाना साधा था. साथ ही यह भी कहा था कि शरद पवार की वजह से ही सुजय अहमदनगर सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी नहीं बन पाए. बीते दिनों पवार ने अहमदनगर को अपने हिस्से में आई सीट बताते हुए उसे सुजय को देने से इनकार कर दिया था. एनसीपी प्रमुख के उस फैसले के पीछे दोनों परिवारों के बीच पुराने राजनीतिक मतभेदों को भी जिम्मेदार माना जा रहा है.

इधर, बेटे के भाजपा में शामिल होने के बाद राधाकृष्ण विखे पाटिल के भी कांग्रेस छोड़ देने की अटकलें लगाई जा रही थीं. लेकिन उन्होंने कहा है कि वे कांग्रेस के नेता हैं और इसी पार्टी के साथ रहेंगे. इसके साथ ही उनका यह भी कहना है कि अपने बेटे के प्रचार को लेकर वे पहले ही पार्टी हाईकमान को सूचित कर चुके हैं. इस बीच एनसीपी प्रवक्ता अंकुश काकाडे कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख अशोक चव्हाण को एक चिट्ठी लिखकर इस मामले में नाराजगी जता चुके हैं.