राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तमिलनाडु की वेल्लोर संसदीय सीट पर लोकसभा का चुनाव रद्द कर दिया है. खबरों के मुताबिक मंगलवार को उन्होंने यह फैसला चुनाव आयोग की तरफ से भेजी गई सिफारिश के आधार पर किया. चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति को यह सिफारिश इस संसदीय क्षेत्र में पकड़ी गई भारी मात्रा में नकदी के मद्देनजर भेजी थी. वेल्लोर संसदीय सीट पर इसी हफ्ते की 18 तारीख को मतदान की प्रक्रिया पूरी कराई जानी थी.

राष्ट्रपति के इस फैसले के साथ ही स्वतंत्र भारत के इतिहास में वेल्लोर लोकसभा की पहली ऐसी सीट भी बन गई है जहां भारी मात्रा में नगदी बरामद होने के बाद चुनाव रद्द किए गए हैं. इससे पहले बीते महीने की 30 तारीख को आयकर विभाग के अधिकारियों ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेता दुरई मुरुगन के घर पर छापामारी की कार्रवाई की थी. तब उनके घर से कथित तौर पर साढ़े दस लाख रुपये बरामद किए थे.

इसके बाद बीते हफ्ते आयकर विभाग ने डीएमके नेता पूंजोलई श्रीनिवासन के कथित गोदाम पर छापा मारा था. उस दौरान वहां से 11 करोड़ रुपये बरामद किए जाने की खबरें आई थीं. पुजोलेई श्रीनिवासन को डीएमके के कोषाध्यक्ष दुरई मुरुगन का करीबी बताया जाता है. हालांकि तब डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने आयकर विभाग की इस कार्रवाई को ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया था. उनका यह भी कहना था कि ऐसा करके उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है.

वैसे यह पहला मौका नहीं है जब तमिलनाडु में ‘पैसों के प्रभाव’ के मद्देनजर चुनाव रद्द किए जाने का फैसला किया गया है. इससे पहले 2017 में चुनाव आयोग ने राज्य के आरके नगर विधानसभा क्षेत्र में दो बार चुनाव रद्द किए थे. इसके अलावा अप्रैल 2016 में भी बड़ी मात्रा में नगदी बरामद होने के बाद आयोग ने तमिलनाडु के अरवा कुरिचि और थंजावुर में भी चुनाव स्थगित कर दिए थे.