सऊदी अरब में दो भारतीय नागरिकों को मौत की सजा होने की पुष्टि की गई है. पंजाब के सतविंदर कुमार और हरजीत सिंह को एक अन्य भारतीय नागरिक की हत्या के जुर्म में 28 फरवरी को सऊदी अरब में मौत की सजा दी गई थी. भारतीय विदेश मंत्रालय ने अब जाकर इसकी पुष्टि की है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक रियाद स्थित भारतीय दूतावास को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी. सऊदी अरब के नियमों के मुताबिक मौत की सजा पाए लोगों के शव उनके परिजनों को नहीं सौंपे जाते. रिपोर्ट के मुताबिक इसलिए हो सकता है कि दोनों भारतीयों के शव उनके परिवारों को न सौंपे जाएं.

क्या है मामला

सतविंदर कुमार, हरजीत सिंह और इमामुद्दीन नाम के एक और भारतीय ने लूट के जरिये पैसा इकट्ठा किया था. बाद में पैसों को लेकर तीनों में विवाद हो गया जिसके बाद सतविंदर और हरजीत ने इमामुद्दीन की हत्या कर दी. बाद में उन दोनों को लड़ाई-झगड़ा करने और शराब पीने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया था. उन्हें वापस भारत भेजने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही थीं कि तभी उनके हत्या में शामिल होने के सबूत मिले. इसके बाद दोनों के खिलाफ मुकदमा चलाया गया और मौत की सजा सुनाई गई.

उधर, भारतीय दूतावास को इस बारे में तब पता चला जब हरजीत की पत्नी ने एक याचिका दायर की. उस पर कार्रवाई करते हुए विदेश मंत्रालय को पूरे मामले का पता चला. अखबार ने मंत्रालय के हवाले से बताया कि सतविंदर और हरजीत ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया था. उनकी सुनवाई के दौरान एक भारतीय अधिकारी भी मौजूद था. लेकिन 28 फरवरी को मौत की सजा के तहत उनके सिर कलम किए जाने की सूचना दूतावास को नहीं दी गई. इसके चलते दोनों की मौत के बारे में काफी देर से पता चला.