कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बहाने भाजपा पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है, ‘मेरा ऐसा मानना है कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को जातिगत समीकरण बैठाने के लिए राष्ट्रपति बनाया गया. इस वजह से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर हो गए.’ अशोक गहलोत ने आगे कहा, ‘भाजपा ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि गुजरात के चुनाव आ रहे थे. भाजपा के लोग इस बात से घबराए हुए थे कि वहां उनकी सरकार नहीं बन पाएगी.’ एएनआई के मुताबिक राजस्थान के मुख्यमंत्री ने ये बातें जयपुर में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कहीं.

इससे पहले जून 2017 में राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविंद के नाम की घोषणा होने के फौरन बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कुछ ऐसा ही बयान दिया था. तब उन्होंने कहा था कि वे ऐसा नहीं समझतीं कि रामनाथ कोविंद इस पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार नहीं हैं. लेकिन इस पद के लिए उनका नाम सुनकर दूसरे विपक्षी दलों की तरह उन्हें भी हैरानी हुई है. उनका यह भी कहना था कि भाजपा ने कोविंद का नाम उनके दलित नेता होने की वजह से तय किया था.

इधर, अशोक गहलोत के बयान को लेकर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है. साथ ही उनसे इस बयान के लिए माफी मांगने को भी कहा है. इस बीच भाजपा नेता जीवीएल नरसिम्हा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कांग्रेस पर देश के सर्वोच्च पद को लेकर निचले स्तर की राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने इसे चुनावी मर्यादा का उल्लंघन बताते हुए चुनाव आयोग से गहलोत को नोटिस जारी करने की अपील भी की है.