मालेगांव बम धमाके की आरोपित साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के भाजपा में शामिल होने और भोपाल से लोकसभा चुनाव का प्रत्याशी बनने की खबर आज सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा में है. भाजपा ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा है और इसके चलते वे भी फेसबुक-ट्विटर पर लोगों की प्रतिक्रियाओं का हिस्सा बने हैं. यहां भाजपा समर्थकों ने पूरे उत्साह के साथ उम्मीद जताई है कि अब दिग्विजय सिंह का हारना तय है. वहीं दूसरी तरफ यह भी कहा जा रहा है कि अब भोपाल से कांग्रेस की जीत आसान हो गई है. पत्रकारअंबरीश कुमार ने फेसबुक पर लिखा है, ‘दिग्विजय सिंह भी किस्मत वाले नजर आ रहे हैं. भाजपा ने लखनऊ का रिटर्न गिफ्ट भोपाल में दिया है.’

इस बीच सोशल मीडिया पर विरोधियों और अन्य लोगों ने भाजपा पर इस हवाले से सवाल उठाए हैं कि उसने आतंकवाद की एक आरोपित को अपना उम्मीदवार बनाया है. वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई का ट्वीट है, ‘तथ्य ये है कि साध्वी प्रज्ञा 2008 के मालेगांव बम धमाके की आरोपित हैं. उनके ऊपर केस चला रहा है और उन्हें अदालत से बरी किया जाना बाकी है... लेकिन अब वे भोपाल जैसे महान शहर से भाजपा उम्मीदवार हैं : अब इसके अलावा क्या कहा जाए कि आपका ‘न्यू इंडिया’ में स्वागत है!’

सोशल मीडिया में इस घटनाक्रम पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

जावेद अख्तर | @Javedakhtarjadu

मैं तो ये कहूंगा कि भोपाल लोकसभा सीट के लिए भाजपा ने बिलकुल सही उम्मीदवार चुना है. साध्वी प्रज्ञा संघ परिवार (आरएसएस) की सोच और कामों का सटीक उदाहरण हैं. वाह!

सायंतन घोष | @sayantansunnyg

भाजपा टिकट देने के लिए आतंकवाद के आरोपितों की तलाश करती हुई :

पन्स्टर | @Pun_Starr

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को भाजपा का टिकट इसलिए नहीं मिला कि वे मालेगांव बम धमाके के आरोप से बरी हो गईं, बल्कि इसलिए ही मिला है कि वे इस मामले में आरोपित थीं.

रणवीर सिंह | @Asli_Veer

राष्ट्रवादी पार्टी की यही दिव्यता है कि यह आतंकवाद के आरोपित को भी शुद्ध राष्ट्रवादी बना सकती है!

मोहम्मद आसिफ | @imMAK02

आतंकवादी साध्वी प्रज्ञा आधिकारिक रूप से भाजपा का समर्थन कर रही हैं. अब इस पार्टी को बाबू बजरंगी (गुजरात दंगों का आरोपित) और शंभूलाल रैगर (राजस्थान में दिन-दहाड़े एक मुसलमान की हत्या करने वाला) को भी टिकट दे देना चाहिए.

चाकोबार जेट ली (वसूली भाई) | @Vishj05

लिंचिंग करने वालों को मालाएं पहनाई जाती हैं और आतंकवाद के आरोपितों को पार्टी का टिकट मिलता है. सबका साथ, सबका विकास.

क्रूर सिंह‏ | @kroor_singh_

साध्वी प्रज्ञा भाजपा में शामिल हो गई हैं. आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, लेकिन उसकी राजनीतिक पार्टी जरूर होती है.