निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कथित बायोपिक पर राज्य के निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है. फिल्म का नाम ‘बाघिनी’ बताया जा रहा है जो तीन मई को रिलीज होनी है.

पीटीआई की खबर के मुताबिक भाजपा ने आयोग से अनुरोध किया था कि चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई जाए. पार्टी ने निर्वाचन आयोग से तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो की कथित बायोपिक की समीक्षा करने की भी मांग की है. भाजपा के अलावा पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की एक और कट्टर विरोधी सीपीआई ने भी इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है.

उधर, मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक फिल्म के निर्माताओं का कहना है कि ममता बनर्जी सिर्फ बंगाल की नहीं, बल्कि पूरे देश की बड़ी नेता हैं. उन्होंने कहा कि इस फिल्म का उद्देश्य केवल सामाजिक संदेश देना है. इस बीच, ममता की पार्टी टीएमसी ने खुद को फिल्म से अलग कर लिया है. उसने कहा है कि उसका इस ‘बायोपिक’ से कोई लेना-देना नहीं है.