भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी ही पार्टी की नेता साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के महाराष्ट्र पुलिस के एटीएस प्रमुख रहे हेमंत करकरे को लेकर दिए एक बयान से दूरी बना ली है. खबरों के मुताबिक भाजपा ने हेमंत करकरे पर दिए प्रज्ञा ठाकुर के बयान को उनका निजी विचार बताया है. साथ ही यह ‘संभावना’ भी जताई है कि प्रज्ञा ठाकुर ने वह बात कई वर्षों तक उन्हें मिली शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना की वजह से कही होगी. भाजपा का यह भी कहना है कि उनकी पार्टी ने हेमंत करकरे को हमेशा से ही शहीद माना है.

इससे पहले मध्य प्रदेश के भोपाल में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए प्रज्ञा ठाकुर ने हेमंत करकरे को लेकर एक विवादित बयान दिया था. तब उन्होंने कहा था, ‘मैंने करकरे से कहा था तेरा सर्वनाश हो जाएगा. उस श्राप के सवा महीने बाद ही वह आतंकवादियों के हाथों मारा गया था.’ उस दौरान प्रज्ञा ठाकुर ने उन्हें ‘देशद्रोही और धर्मद्रोही’ भी बताया था.

प्रज्ञा ठाकुर का यह भी कहना था, ‘मालेगांव बम धमाके की जांच करने वाली समिति ने करकरे से कहा था कि अगर प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ कोई सबूत नहीं हैं तो उन्हें छोड़ देना चाहिए. लेकिन करकरे ने कहा था कि वह किसी भी तरह कुछ भी करके मेरे खिलाफ सबूत जुटाएंगे.’

इधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश की भोपाल संससदीय सीट से प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान को आदर्श आचार संहित का उल्लंघन करने वाला बताया है. उन्होंने यह भी कहा है कि हेमंत करकरे एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे जो 26/11 के मुंबई हमले के दौरान आतंकवादियों के साथ लड़ते हुए शहीद हो गए थे.

इस दौरान प्रज्ञा ठाकुर के उस बयान पर मध्य प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी वीएल कांताराव का भी एक बयान आया है. उन्होंने कहा है, ‘भोपाल से भाजपा की प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान के खिलाफ कांग्रेस ने शिकायत दर्ज कराई है. हम इस बारे में आगे की जांच कर रहे हैं.’