माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से यह स्पष्ट करने को कहा है कि वह भाजपा के साथ लड़ने के इच्छुक हैं या वाम दलों के साथ. उन्होंने कहा कि लेफ्ट का गढ़ माने जाने वाले वायनाड से चुनाव लड़ने के कांग्रेस अध्यक्ष के फैसले से अलग संदेश गया है.

सीताराम येचुरी ने कहा, ‘केरल की सभी 20 लोकसभा सीटों पर लड़ाई कांग्रेस की अगुवाई वाले यूडीएफ और वाम दल की अगुवाई वाली एलडीएफ के बीच है, चाहे उम्मीदवार राहुल हों या कोई और.’ उन्होंने कहा, ‘अब राहुल गांधी क्या करना चाहते हैं यह उन पर है. राहुल गांधी अपनी मां और दादी से अलग केरल में वाम दल के खिलाफ लड़कर क्या संदेश देना चाहते हैं? उन्हें देश को बताना चाहिए कि वह भाजपा के खिलाफ लड़ाई के इच्छुक हैं या वाम दलों से.’

यह पूछे जाने पर कि क्या राहुल के केरल से लड़ने का मतलब चुनाव बाद परिदृश्य में कांग्रेस का समर्थन करने के लिए माकपा का रास्ता बंद हो जाएगा? येचुरी ने कहा, ‘अगर राहुल गांधी वहां नहीं होते तो कांग्रेस का कोई और उम्मीदवार होता.’ यह पूछे जाने पर कि माकपा प्रस्तावित धर्मनिरपेक्ष सरकार का हिस्सा होगी अथवा वह अपनी भूमिका बाहर से समर्थन तक ही सीमित रखेगी, माकपा महासचिव ने कहा कि इसका निर्णय चुनाव के बाद किया जाएगा.