प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालेगांव बम धमाके की आरोपित प्रज्ञा सिंह ठाकुर को भोपाल से लोकसभा चुनाव का टिकट दिए जाने के फैसले का बचाव किया है. एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि प्रज्ञा सिंह की उम्मीदवारी को लेकर इतना हल्ला क्यों है, जबकि गंभीर आरोपों का सामना कर रहे विपक्ष के नेताओं से कभी सवाल नहीं किए गए. नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि जब प्रज्ञा सिंह को हिरासत में प्रताड़ित किया गया और इसे लेकर कांग्रेस पर अपनी सुविधा के हिसाब से प्रॉपेगैंडा सेट करने के आरोप लगे, तब क्यों किसी ने सवाल नहीं उठाए.

टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के मुताबिक मालेगांव ब्लास्ट की मुख्य आरोपित का बचाव करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों को ‘आतंकवाद’ बताया. उन्होंने उस समय प्रधानमंत्री रहे राजीव गांधी का भी जिक्र किया. मोदी ने कहा कि राजीव गांधी ने अपनी मां इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कहा था कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो जमीन हिलती है. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘क्या यह कुछ लोगों द्वारा खड़ा किया गया आतंकवाद नहीं था? इसके बावजूद उन्हें (राजीव गांधी) प्रधानमंत्री बनाया गया और निष्पक्ष मीडिया ने कभी कोई सवाल नहीं किया जैसा वह अब कर रहा है.’

इसके अलावा प्रज्ञा सिंह की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी से तुलना करते हुए मोदी ने कहा, ‘क्या (हेराल्ड केस में) जमानत पाए अमेठी और रायबरेली के उम्मीदवारों से सवाल नहीं किया जाना चाहिए? लेकिन (अगर) भाजपा का उम्मीदवार बेल पर है और चुनाव लड़ रहा है तो बहुत हो-हल्ला मचता है. एक महिला, एक साध्वी को इस तरह प्रताड़ित किया गया, (लेकिन) किसी ने सवाल नहीं उठाया.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस के अन्य नेताओं को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि मुख्य विपक्षी दल के कई नेताओं पर दंगों में शामिल होने के आरोप हैं, इसके बावजूद उन्हें सांसद और मंत्री बनाया गया. मोदी ने कहा, ‘एक (कमलनाथ) को हाल में मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बना दिया गया.’ वहीं, राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू यादव के लिए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जिन्हें कोर्ट ने दोषी करार दिया है, लोग उनसे जेल में मिलने जाते हैं, गले मिलते हैं, अस्पताल में शिफ्ट हों तो वहां जाकर मिलते हैं. क्या उन्हें प्रवचन देने का अधिकार है?’