दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद कश्मीर के अलगाववादी नेता और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख यासीन मलिक के परिवार वालों ने सरकार पर उनसे मुलाकात नहीं होने देने का आरोप लगाया है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इस संबंध में यासीन मलिक के परिवार वालों ने शनिवार को कश्मीर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की है.

इस मौके पर उन्होंने कहा, ‘यासीन मलिक से उनके वकील राजा तुफैल को भी नहीं मिलने दिया जा रहा. शनिवार को मलिक से मुलाकात के लिए उन्हें कोर्ट से मंजूरी लेनी थी. तब मजबूरी में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अधिकारियों ने तुफैल को बताया कि यासीन मलिक ने 10 अप्रैल से खाना-पीना छोड़ दिया था. इस वजह से उनकी तबियत बिगड़ गई थी जिसके बाद 16 अप्रैल को उन्हें अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा था.’ इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘जेल प्रशासन की तरफ से भी हम लोगों को उनके स्वास्थ्य को लेकर कोई सूचना नहीं दी गई.’

मलिक के परिवार वालों ने आगे कहा, ‘उन्हें गिरफ्तार किए जाने के बाद हम उनसे मिलने के लिए जम्मू की कोट भलवाल जेल पहुंचे थे. लेकिन वहां हमें पता चला कि उन्हें दिल्ली ले जाया जा चुका है. उसके बाद से हमें राजा तुफैल के जरिये ही उनके बारे में कोई सूचना मिल रही है.’

यासीन मलिक को बीते महीने केंद्रीय मंत्री रहे मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के अपहरण, वायु सेना के चार अधिकारियों की हत्या और अलगाववादी व आतंकी संगठनों को ​वित्तीय मदद पहुंचाने के आरोप गिरफ्तार किया गया था. साथ ही इन आरोपों को लेकर पूछताछ के लिए उन्हें 22 अप्रैल तक एनआईए की हिरासत में सौंपा गया था. इस दौरान बीते महीने केंद्र सरकार ने उनके संगठन जेकेएलएफ को भी प्रतिबंधित कर दिया था.

इधर, हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता मीर वाइज उमर फारूक ने एक ट्वीट के जरिये यासीन मलिक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि मलिक की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रदेश प्रशासन पर है क्योंकि उसी के आदेश पर ही उनपर पीएसए लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया था.