श्रीलंका की सरकार ने सिलसिलेवार बम विस्फोटों के बाद पूरे देश में कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया है. चर्च और होटलों को निशाना बनाकर किए गए सिलसिलेवार विस्फोटों में अब तक 160 लोगों के मारे जाने की खबर है. रविवार सुबह ईस्टर की प्रार्थना के वक्त चर्च और होटलों में छह सिलसिलेवार धमाकों के बाद दो और आत्मघाती धमाकों की सूचना सामने आई है.

श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि संवेदनशील हालात को देखते हुए पूरे देश में रविवार शाम छह बजे से सोमवार सुबह छह बजे तक कर्फ्यू रहेगा. राष्ट्रपति के सचिव उदय आर सेनाविरत्ने की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि सरकार ने गलत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए सभी सोशल मीडिया मंचों को ब्लॉक करने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने विस्फोटों की शुरुआती जांच का विवरण बताने से इन्कार कर दिया और कहा कि पुलिस बाद में जानकारी देगी.

पीटीआई के मुताबिक, रविवार को हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों से 10 दिन पहले देश के पुलिस प्रमुख ने चेतावनी जारी करके कहा था कि आत्मघाती हमलावर ‘अहम गिरजाघरों’ को निशाना बना सकते हैं. इस अलर्ट में कहा गया था कि एक विदेशी खुफिया एजेंसी ने जानकारी दी है कि एनटीजे (नेशनल तोहिद जमात) अहम गिरजाघरों और कोलंबो में भारतीय उच्चायोग पर फिदायीन हमले की योजना बना रहा है. एनटीजे श्रीलंका का कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन है, पिछले साल बुद्ध प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने में इस संगठन का नाम सामने आया था.

हमलावरों ने कोलंबो के सेंट एंथनी, पश्चिमी तटीय शहर नेगेम्बो के सेंट सेबैस्टियन और बाटिकालोआ के चर्च को निशाना बनाया है. तीन पांच सितारा होटल - शंगरीला, द सिनामोन ग्रांड और द किंग्सबरी में भी सीरियल धमाके हुए हैं. अब तक आठ धमाकों में 160 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और 400 से ज्यादा घायल हैं. खबरों के मुताबिक, मृतकों की संख्या और भी बढ़ सकती है.