भारत को ईरान से तेल आयात करने की कुछ ज़्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है. सिर्फ़ भारत ही नहीं दुनिया के सात अन्य देशों को भी. इन सभी देशों को अमेरिकी प्रतिबंधों से मिली राहत ख़त्म की जा सकती है. अमेरिकी अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट में सूत्राें के हवाले से प्रकाशित ख़बर से यह जानकारी सामने आई है.

बताया जाता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से साफ कह दिया है कि वे ईरान से तेल आयात कर रहे देशों को दी गई छूट ख़त्म करना चाहते हैं. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने आगामी योजना का ख़ाका बनाना भी शुरू कर दिया है.बोल्टन अमेरिकी प्रशासन के साथ लगातार इस पर विचार-विमर्श कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो जल्द घोषणा करने वाले हैं कि ईरान से तेल आयात कर रहे किसी भी देश को आगामी दो मई से प्रतिबंधों में राहत नहीं दी जा सकेगी.

ग़ौरतलब है कि ईरान द्वारा परमाणु कार्यक्रम जारी रखने की वज़ह से अमेरिका ने बीते साल 2015 में उसके साथ हुआ समझौता तोड़ दिया था. फिर नवंबर में उसने ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध भी लागू कर दिए. साथ ही उसने दुनिया के सभी देशों से अपेक्षा की कि वे ईरान से कच्चे तेल का आयात बंद कर दें. और धमकी दी थी कि ऐसा न करने वाले देशों को भी अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. अलबत्ता भारत सहित चीन, ग्रीस, इटली, ताइवान, जापान, तुर्की और दक्षिण कोरिया को अगले छह महीने के लिए इन प्रतिबंधों से छूट मुहैया कराई थी. पर इन देशों से भी यह अपेक्षा की गई थी कि वे इस अवधि में ईरान से कच्चे तेल के आयात में धीरे-धीरे कमी लाकर उसे न के बराबर कर देंगे.