भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने मध्य प्रदेश की भोपाल लोक सभा सीट से प्रज्ञा सिंह ठाकुर काे टिकट दिए जाने के फ़ैसले का बचाव किया है. उन्होंने कोलकाता में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, ‘यह बिल्कुल सही फ़ैसला (प्रज्ञा सिंह को टिकट देने का) है. उनके ऊपर जो आरोप लगे थे वे सभी निराधार साबित हुए हैं. उनके या स्वामी असीमानंद के ख़िलाफ़ कुछ भी साबित नहीं हुआ है.’

अमित शाह ने कहा, ‘मालेगांव बम धमाके के असली आरोपित तो छोड़ दिए गए. इसलिए सवाल यह होना चाहिए कि उन आरोपितों को क्यों छोड़ दिया गया?‘ ग़ौरतलब है कि भोपाल से भाजपा की उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर 2008 में हुए मालेगांव बम धमाके की आरोपित हैं. उन्हें इस आरोप के चलते लंबे समय तक जेल में भी रहना पड़ा है. अलबत्ता अब अदालत से बरी होने के बाद वे मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ चुनावी मुकाबले में हैं.

इधर अमित शाह ने एनआरसी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीज़ंस) तथा नागरिकता संशोधन कानून के मसले पर भी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा, ‘एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून की वज़ह से किसी को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है. इसे लेकर ममता बनर्जी और कुछ अन्य नेताओं द्वारा भ्रम फ़ैलाया जा रहा है. भाजपा सत्ता में लौटी तो एनआरसी के बाताल्लुक़ पहले संसद से कानून पारित कराएगी. नागरिकता संशोधन कानून पारित होने के बाद शरणार्थियों को पूरे सम्मान के साथ भारत की नागरिकता दी जाएगी. इसके बाद पूरे देश में एनआरसी लागू किया जाएगा. यह सिर्फ़ अवैध घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने की क़वायद होगी.’