बीते रविवार को ईस्टर के मौके पर श्रीलंका के होटलों और गिरजाघरों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की जिम्मेदारी आतंकी संगठन आईएस ने ली है. खबरों के मुताबिक इससे पहले श्रीलंका की सरकार ने उन धमाकों को लेकर एक स्थानीय संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) पर संदेह जताया था. हालांकि इसके साथ यह भी कहा था कि यह काम सिर्फ इस अकेले संगठन के बस का नहीं है. उन धमाकों अब तक 31 विदेशियों सहित 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. मृतकों में दस भारतीय भी शामिल हैं. इसके अलावा उन धमाकों में 500 लोग घायल भी हुए हैं.

इस दौरान उन धमाकों को लेकर वहां के सुरक्षा बलों ने अब तक 40 संदिग्ध लोग गिरफ्तार किए हैं. इनमें से 16 गिरफ्तारियां बीते 24 घंटे के दौरान की गई हैं. गिरफ्तार लोगों में उस वैन का ड्राइवर भी शामिल बताया गया है जिसका कथित तौर पर आत्मघाती हमलावरों ने इस्तेमाल किया था. इस बीच श्रीलंका पुलिस के प्रवक्ता रुवन गुणाशेखरा ने कहा है, ‘26 संदिग्धों से सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) जबकि तीन से टेररिज्म इन्वेस्टिगेशन डिवीजन (टीआईडी) के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं. इसके अलावा 11 संदिग्धों से पुलिस पूछताछ कर रही है.’

इधर, कुछ अन्य वाहनों में विस्फोटक लादकर धमाकों को अंजाम देने संबंधी सूचनाओं के मद्देनजर श्रीलंका की राजधानी कोलंबो की पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है. इससे पहले सुरक्षा के मद्देनजर श्रीलंका की सरकार देश में आपातकाल भी घोषित कर चुकी है.