कांग्रेस के नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रचार करने पर 48 से 72 घंटे की रोक लगाने की अपील की है. स्क्रोल डॉट इन के मुताबिक उन्होंने कहा है, ‘मंगलवार को गुजरात के अहमदाबाद में अपना वोट डालने के बाद नरेंद्र मोदी ने एक रोड शो किया था. साथ ही तब उन्होंने लोगों को संबोधित भी किया था. उनका ऐसा करना आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है. ऐसे में चुनाव आयोग से हमारी अपील है कि लोकसभा के इस चुनाव में उनके प्रचार करने पर 48 से 72 घंटे की रोक लगाई जाए.’

इससे पहले प्रधानमंत्री ने आज अहमदाबाद में अपना वोट डाला था. वोट डालने के बाद उन्होंने वोटर आईडी (मतदाता पहचान पत्र) को आतंकवादियों के विस्फोटक इम्प्रोवाइस्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) की तुलना में कहीं अधिक मजबूत बताया था. तब उन्होंने लोगों से वोटर आईडी की ताकत पहचानने की अपील भी की थी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था, ‘जैसे कोई कुंभ में पवित्र डुबकी लगाने के बाद खुद को पवित्र महसूस करता है, मैं भी वोट डालने के बाद खुद को वैसा ही पा रहा हूं.’ उस दौरान प्रधानमंत्री ने मतदान केंद्र पर पहुंचे लोगों को अपनी उंगली पर लगे स्याही का निशान भी दिखाया था.

इधर, कांग्रेस ने यह आपत्ति इन्हीं सब बातों को लेकर जताई है. वहीं लोकसभा के इस चुनाव में चुनाव आयोग की तरफ से आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर विभिन्न पार्टियों के नेताओं के प्रचार करने पर रोक लगाई जा चुकी है. इनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता योगी आदित्यनाथ और मेनका गांधी के अलावा समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आजम खान भी शामिल हैं. चुनाव आयोग की तरफ से ऐसी कार्रवाई बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती के खिलाफ भी देखने को मिल चुकी है. हालांकि इन नेताओं के खिलाफ प्रचार पर वह रोक उनके आपत्तिजनक बयानों को लेकर की गई थी.