मंगलवार को लोकसभा चुनाव 2019 के तीसरे चरण का मतदान खत्म हो गया. इसके साथ ही कुल 543 में से 302 सीटों यानी आधे से अधिक पर उम्मीदवारों की किस्मत को मतदाताओं ने ईवीएम में कैद कर दिया है. तीसरे चरण के तहत 117 सीटों पर 66 फीसदी वोटरों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. इस दौरान उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में ईवीएम खराब होने की शिकायतें सामने आईं. विपक्ष ने इस पर चिंता जाहिर की है. दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग सीट पर 65 में से 40 मतदान केंद्रों पर शून्य मतदान रहा. वहीं, पश्चिम बंगाल में पिछले दो चरणों की तरह इसमें भी हिंसा की खबरें आईं. यहां मुर्शिदाबाद में एक पोलिंग बूथ के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई. उधर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय सुरक्षा बलों पर भाजपा के लिए काम करने का आरोप लगाया है.

भाजपा ने भोपाल में प्रज्ञा सिंह ठाकुर के साथ मौजूदा सांसद को भी चुनावी मैदान में उतारा

भाजपा ने मध्य प्रदेश की भोपाल सीट पर प्रज्ञा सिंह ठाकुर के साथ अपने एक ‘डमी (बनावटी) उम्मीदवार’ आलोक संजर को भी चुनावी मैदान में उतार दिया है. आलोक भोपाल से निर्वतमान सांसद हैं. द एशियन एज की रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा को इस बात की आशंका है कि बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में प्रज्ञा के बयान पर एफआईआर दर्ज किए जाने के आदेश के बाद उनका नामांकन रद्द किया जा सकता है. इसके अलावा भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ एक याचिका राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत में दायर की गई है. इसमें प्रज्ञा के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग की गई है. हालांकि, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने डमी उम्मीदवार उतारे जाने के फैसले के बचाव में कहा है कि इसमें कुछ भी असमान्य नहीं है और पार्टी ऐसा पहले भी करती रही है. बीते हफ्ते मालेगांव ब्लास्ट (2008) मामले में आरोपित प्रज्ञा ने बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने में खुद के शामिल होने की बात कही थी.

अगले महीने से ईरान से तेल आयात बंद, कीमतों में बढ़ोतरी संभव

भारत ने दो मई, 2019 के बाद ईरान से तेल आयात बंद करने का फैसला लिया है. यह फैसला अमेरिका द्वारा ईरान से तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने के बाद किया गया है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक इसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है. भारत पर इसका सबसे अधिक असर पड़ सकता है. हालांकि, केंद्र सरकार ने कहा है कि वह अमेरिका के सामने ईरान से तेल आयात जारी रखने की अपील करेगा. वहीं, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और तेल कंपनियों ने इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी होने की बात कही है. दूसरी ओर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इसे मोदी सरकार की कूटनीतिक असफलता करार दिया है. उन्होंने कहा है कि भारत किससे तेल लेगा, इसका फैसला वह खुद करेगा. देश अपनी तेल जरूरतों का 80 फीसदी हिस्सा ईरान से पूरा करता है.

एनजीटी ने उत्तर प्रदेश सरकार को प्रयागराज-कुंभ क्षेत्र में जमा कचरे को तत्काल निपटाने का आदेश दिया

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश सरकार को प्रयागराज में कुंभ मेले के बाद जमा हुए ठोस कचरे को निपटाने के लिए तत्काल कदम उठाने का आदेश दिया है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक एनजीटी ने इस बारे में न्यायाधीश अरुण टंडन समिति की रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए सुनवाई की है. प्राधिकरण का कहना है कि क्षेत्र में स्थिति खतरनाक है और इसका तत्काल निपटारा किया जाना चाहिए ताकि बीमारियों को फैलने से रोका जा सके. एनजीटी ने इसके लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय किए जाने की बात कही है.

दिल्ली पुलिस पर छेड़छाड़ की पीड़िता पत्रकार को मदद न पहुंचाने का आरोप

दिल्ली पुलिस पर छेड़छाड़ की एक पीड़िता को मदद न पहुंचाने का आरोप लगा है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक यह मामला दक्षिणी–पूर्वी दिल्ली का है. बीते शनिवार रात को कार सवार युवकों ने ऑटो से घर जा रही पीड़िता पत्रकार पर अश्लील टिप्पणी की. इसके बाद उसका पीछा भी किया. इसके बाद पीड़िता ने पीसीआर को फोन कर मदद की गुहार लगाई. लेकिन, पुलिस की ओर से कोई मदद नहीं मिली. महिला पत्रकार ने इसके अगले दिन नजदीकी पुलिस थाने पहुंच कर अज्ञात युवकों और तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की. हालांकि, अब तक पुलिस इस मामले में शामिल युवकों का पता नहीं लगा पाई है. साथ ही, लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

असम : गुवाहाटी स्थित स्कूल ने सीखने की धीमी क्षमता को वजह बता कर एक बच्ची का नाम काटा

असम के गुवाहाटी स्थित एक मिशनरी स्कूल में सीखने की धीमी क्षमता को वजह बताकर एक बच्ची का नाम काट दिया गया. इस बच्ची द्वारा अच्छे ग्रेड न लाने की भी बात कही गई है. द हिंदू की खबर के मुताबिक छात्रा के पिता ने होली चाइल्ड स्कूल के प्रशासन से लिखित माफी की मांग की है. उन्होंने स्कूल प्रशासन पर शिक्षा के अधिकार कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. वहीं, स्कूल की प्रिंसिपल का कहना है, ‘हम अभिभावकों को बच्चों के अकादमिक प्रदर्शन के बारे में जानकारी देते रहते हैं. इस मामले में अभिभावक निराश हो गए और उन्होंने मामला दर्ज कर दिया. हम लोग बच्ची को वापस लेने के लिए तैयार हैं.’ दूसरी ओर, छात्रा के पिता ने इस मामले को राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पास ले जाने की बात कही है.