जाने-माने दलित नेता और दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद उदित राज बुधवार को कांग्रेस में शामिल हो गए. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौज़ूदगी में पार्टी की सदस्यता ली. पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इसकी जानकारी दी है.

द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उदित राज ने कहा, ‘अगर मैं सत्ता के नज़दीक न रहूं तो दलितों और ग़रीबों की मदद नहीं कर सकता.’ उन्हें भाजपा द्वारा टिकट न दिए जाने के मसले पर उन्होंने कहा, ‘मैं पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकता. लेकिन क्या मुझे इसलिए टिकट नहीं दिया गया कि मैंने अनुसूचित जाति-जनजाति कानून को कमज़ाेर किए जाने की कोशिशों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई? इन कोशिशों के ख़िलाफ़ हुए दलित आंदोलन का समर्थन किया? सबरीमला मंदिर (केरल) में प्रवेश के महिलाओं के समान अधिकार का समर्थन किया? या फिर लोक सभा में प्रदर्शन के लिहाज़ से मैं देश में दूसरा सबसे बेहतर सांसद रहा?’

ग़ौरतलब है कि भाजपा ने मंगलवार को ही दिल्ली के लिए जारी अपने उम्मीदवारों की सूची में उत्तर-पश्चिम दिल्ली से पंजाबी गायक हंस राज हंस को टिकट देने का ऐलान किया था. जबकि इस सीट से 2014 में उदित राज भाजपा के टिकट पर जीते थे. वे फिर टिकट की उम्मीद कर रहे थे. टिकट न मिलने पर उन्होंने पार्टी छोड़ने की धमकी दी थी. इसके बावज़ूद पार्टी ने उनका टिकट काट दिया. मूल रूप से दलित चिंतक उदित राज ने अपनी इंडियन जस्टिस पार्टी के साथ राजनीति शुरू की थी. हालांकि आगे चलकर उन्होंने इस पार्टी का 2014 में भाजपा में विलय कर दिया. लेकिन भाजपा के लोगों की दलील है कि वे कभी पार्टी के वफ़ादार नहीं रहे.