देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) ने अपनी डीजल इंजन वाली कारों को लेकर एक बड़ी घोषणा की है. कंपनी के चेयरमैन आरसी भार्गव ने कहा है, ‘पहली अप्रैल 2020 से मारुति के 1500 सीसी से कम क्षमता वाले डीजल इंजन की कारों की बिक्री बंद कर देगी. अगर ग्राहकों में ऐसी कारों की मांग बरकरार रहती है तभी उसका उत्पादन किया जाएगा.’ भार्गव के मुताबिक कंपनी ने यह फैसला अगले साल लागू होने वाले उत्सर्जन के बीएस - 6 मानक की वजह से लिया है. उनका यह भी कहना है कि देश में बीएस - 6 के लागू होने से डीजल इंजन वाली कारों की कीमतों में बढ़ोतरी हो जाएगी.’

खबरों के मुताबिक उन्होंने यह बात गुरुवार को वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही के नतीजों की घोषणा के मौके पर कही. जब उनसे यह पूछा गया कि क्या इसका असर मारुति के शेयर पर नहीं पड़ेगा तो उन्होंने ऐसी किसी संभावना से इनकार किया. मौजूदा समय में मारुति एस-क्रॉस, सिआज, विटारा ब्रीजा, डिजायर, बलीनो और स्विफ्ट जैसे मॉडलों को डीजल इंजन के साथ भी बेच रही है. डीजल कारों के लिहाज से भारतीय बाजार में मारुति की हिस्सेदारी 23 प्रतिशत की है.

इधर, वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी तिमाही में मारुति सुजुकी का मुनाफा 4.6 प्रतिशत घटकर 1,795.6 करोड़ रुपये का रहा. वहीं वित्तीय वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 1,882 करोड़ रुपये का रहा था.