कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने महाराष्ट्र विधानसभा के नेता विपक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है. इस संबंध में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उनके इस्तीफे को मंजूर कर लिया है. उनका यह भी कहना है कि बीते महीने अपने बेटे सुजय विखे पाटिल के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद राधाकृष्ण विखे पाटिल ने चिट्ठी लिखकर अपना पद छोड़ने की पेशकश की थी. पार्टी हाईकमान को लिखी उस चिट्ठी के साथ उन्होंने नेता विपक्ष के पद से अपना इस्तीफा भी भेजा था.

इधर, यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब इसी शुक्रवार को राहुल गांधी चुनावी रैली संबोधित करने के लिए महाराष्ट्र के अहमदनगर पहुंचने वाले हैं. दिलचस्प बात यह है ​कि भाजपा ने सुजय विखे पाटिल को अहमदनगर संसदीय सीट से ही अपना प्रत्याशी घोषित किया है. वहीं कांग्रेसी नेता होने के बावजूद राधाकृष्ण विखे पाटिल पिछले दिनों अपने बेटे के लिए चुनावी प्रचार करते हुए भी नजर आए थे. तब उन्होंने यह भी कहा था कि इस बारे में वे पार्टी हाईकमान को पहले ही सूचना दे चुके हैं.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में कांग्रेस ने शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ चुनावी गठजोड़ किया है. साथ ही इस गठबंधन के तहत हुए सीटों के बंटवारे के आधार पर अहमदनगर लोकसभा की सीट एनसीपी के हिस्से में आई है. हालांकि इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर सुजय विखे पाटिल चुनाव लड़ना चाहते थे. लेकिन सहयोगी पार्टी के पास इस सीट के चले जाने से नाराज होकर वे भाजपा में शामिल हो गए थे. इस दौरान राधाकृष्ण विखे पाटिल ने यह भी कहा था कि शरद पवार की वजह से ही सुजय अहमदनगर से कांग्रेस के प्रत्याशी नहीं बन सके.