बिहार के बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी गिरिराज सिंह के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है. बुधवार को एक चुनावी सभा के दौरान गिरिराज सिंह ने विवादित बयान दिया था. उसके बाद जिलाधिकारी राहुल कुमार ने स्वत: संज्ञान लेते हुए गुरुवार को नगर थाने में भाजपा प्रत्याशी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई.

राहुल कुमार ने कहा कि गिरिराज ने 24 अप्रैल को जीडी कॉलेज में आयोजित अपनी चुनावी सभा में अल्पसंख्यकों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला वक्तव्य दिया था. पीटीआई के मुताबिक गिरिराज ने कहा था, ‘जो वंदे मातरम नहीं कह सकता, जो भारत की मातृभूमि को नमन नहीं कर सकता... अरे गिरिराज के तो बाबा-दादा सिमरिया घाट में गंगा के किनारे मरे. उसी भूमि पर कब्र भी नहीं बनाया. तुम्हें तो तीन हाथ का जगह भी चाहिए. अगर तुम नहीं कर पाओगे, तो देश कभी माफ नहीं करेगा.’

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक गिरिराज सिंह ने यह बात दरभंगा से आरजेडी प्रत्याशी अब्दुल बारी सिद्दीकी के उस बयान के संदर्भ में कही, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें वंदे मातरम गाने में समस्या है. वे जब उक्त टिप्पणी कर रहे थे, उस समय मंच पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी मौजूद थे. उधर, जिला निर्वाचन पदाधिकारी राहुल ने कहा कि गिरिराज का वक्तव्य अल्पसंख्यकों की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाला है, जो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है. उन्होंने केंद्रीय मंत्री के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 125 एवं 123, भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए, 153बी, 295ए, 171सी, 188, 298 तथा 505 दो के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है.

गिरिराज सिंह इससे पहले भी विवादित बयान दे चुके हैं. हाल में अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान उन्होंने कहा कि हरे रंग के झंडे पाकिस्तान के प्रतीक होते हैं, इसलिए राजनीतिक दलों को ऐसे झंडे रखने से रोका जाना चाहिए. इस पर विपक्ष ने गिरिराज से पूछा था कि उनका अपनी सहयोगी जेडीयू के झंडे के बारे में क्या विचार है जिसका रंग हरा ही है.